Mamata Banerjee on Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी प्रकरण को लेकर सियासी घमासान थमता नहीं दिख रहा है। इसी सिलसिले में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने राम के नाम को बदनाम कर दिया। हिंदुत्व के नाम पर ‘खेला’ किया है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ममता बनर्जी खामोश चल रही थीं। लेकिन पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के टीएमसी का साथ छोड़ने के बाद वह फेसबुक पर लाइव आईं। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ पार्टी में चल रही बगावत और नेताओं के इस्तीफे पर अपनी बात रखी, बल्कि राम मंदिर में दान चोरी के मुद्दे को लेकर भाजपा पर प्रहार करने से भी नहीं चूकीं।
बीजेपी ने हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने शनिवार को अपने चिर परिचित अंदाज में कहा, ‘आज भगवान राम का नाम बदनाम किया गया है। आप (बीजेपी) ने हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की और हिंदू धर्म को खत्म कर दिया। कोई स्पष्ट दिशा नहीं है, हालांकि उन्हें दान-पात्र जरूर चाहिए। सिर्फ दो महीनों में इतना ज्यादा शोषण? मैं बस इतना ही कहना चाहूंगी, कृपया सरकार ठीक से चलाएं।’
मामले की जांच के लिए SIT को मिले 15 दिन और
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का यह बयान अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को मिले दान में कथित हेराफेरी की चल रही जांच के बीच आए हैं, जिसमें पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं। गौरतलब है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। यह समय इसलिए बढ़ाया गया है ताकि SIT अपनी जांच का दायरा बढ़ा सके और मामले के सभी पहलुओं की व्यापक जांच कर सके।
बता दें कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद यूपी सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया और इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई।
अब तक चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस मामले की हर कड़ी की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल सभी की नजरें मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से हो रही पूछताछ पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपी अविनाश ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। उसने चढ़ावे से लगातार चोरी की बात स्वीकारी है। उसने पूछताछ में बताया कि चोरी की गई रकम सभी आरोपियों के बीच बराबर-बराबर बांटी जाती थी। कई बार कुछ लोगों के हिस्से ज्यादा रकम आती है। हालांकि, इन सबमें टिन्नू का दबदबा कायम रहता था।










