Nishikant Dubey: नीट पेपर लीक को लेकर कांग्रेस केंद्र की मोदी सरकार पर आक्रामक मोड में हैं। कांग्रेस के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस की किसी बात को पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि क्या कांग्रेस की किसी बात को पार्टी को गंभीरता से लेना चाहिए? जनता उनसे दूर हो चुकी है और वे 100 चुनाव हार चुके हैं। सोनम वांगचुक अनशन कर रहे थे उस अनशन से जो लोग नजर आ रहे थे और देश में जो प्रतिक्रिया नजर आ रही थी कांग्रेस उसमें अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने आ गई। सच तो यह है कि कांग्रेस ने खुद के दम पर कोई आंदोलन नहीं किया है।
कांग्रेस झूठ की दुकान- निशिकांत दुबे
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस झूठ की दुकान है, उस पर कोई चर्चा नहीं करनी चाहिए। पेपर लीक पर प्रस्तावित बिल को लेकर निशिकांत ने कहा कि जब संसद चलेगा तब ऐसा बिल आएगा जिसमें कि पेपर लीक करने वालों की रूह और पीढ़ियां कांप जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी बात को स्पष्ट तौर पर कहा है। वह हमें लगातार बोल रहे थे। मंगलवार की बैठक में ही कहा कि इसके लिए अलग से कानून लाएंगे।
विपक्ष का रवैया गैर जिम्मेदाराना- ललन सिंह
वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है कि विपक्ष का रवैया पूरा गैर जिम्मेदारी वाला है। विपक्ष की मांग थी बहस कराएं। सरकार हर तरह की बहस के लिए तैयार है। अब बहस नहीं करना है उसके बाद सदन को समाप्त करना है। सदन चलता है मुद्दों पर बहस के लिए तो बहस करें आप अपनी बात रखें सरकार अपनी बात रखेगी।’
PM को सदन में बोलना चाहिए- खड़गे
उधर विपक्ष पीएम मोदी के आधी रात जारी वीडियो संदेश और पेपर लीक पर प्रस्तावित बिल को लेकर हमलावर है। प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो मैसेज को लेकर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘अगर उन्हें कुछ बोलना है, तो उन्हें सदन में बोलना चाहिए। तभी हम उनकी बात को असली मानेंगे। उन्हें यहां आकर बयान देने दें। रात के 12 बजे ऐसा करने के बजाय, अगर वे यहां आकर बोलें, तो फिर हम देखेंगे।’
सरकार छात्रों की मांगों को पूरा करने में ढीली क्यों- TMC
TMC सांसद सौगत रॉय ने पेपर लीक पर प्रस्तावित बिल पर कहा, ‘जब तक हम इसे देख नहीं लेते, हम क्या कह सकते हैं? बहुत दिन हो गए हैं, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के भी 26 दिन बीत गए हैं। इसमें इतना समय क्यों लग रहा है? सरकार छात्रों की मांगों को पूरा करने में इतनी ढीली क्यों है? यह सवाल जरूर उठेगा। मुख्य सवाल यह है कि धर्मेंद्र प्रधान कब इस्तीफा देंगे?’
दोषी को बख्शा नहीं जाएगा- पीएम मोदी
बता दें कि छात्रों के प्रदर्शन और विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश भी जारी किया था। उन्होंने साफ किया कि पेपर लीक जैसी धांधली पर सरकार बेहद सख्त कदम उठाएगी। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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