Last Updated:March 11, 2026, 15:38 IST
गर्मी का मौसम शुरू होते ही महुआ के पेड़ों पर फूलों की बहार आ जाती है. यह फूल स्वाद में हल्के मीठे होते हैं और ग्रामीण इलाकों में इन्हें कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है. महुआ सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने औषधीय गुणों के कारण भी खास माना जाता है. इसके फूल, बीज और छाल में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई क्षेत्र में महुआ के पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. महुआ का फल स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग महुआ के फल की सब्जी बनाकर इसका सेवन करते हैं. यह फल खासतौर पर गर्मियों के मौसम में मिलता है और इसे एक अत्यंत पौष्टिक व औषधीय वनस्पति माना जाता है.
महुआ में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. महुआ के फूलों को सुखाकर भी खाया जाता है. कई लोग महुआ के फूलों से बने लड्डू और खीर खाना पसंद करते हैं. खासतौर पर सर्दियों के मौसम में महुआ के लड्डू काफी फायदेमंद माने जाते हैं, इसलिए इस समय इसकी डिमांड भी बढ़ जाती है.
गर्मी का मौसम शुरू होते ही महुआ के पेड़ों पर फूलों की बहार आ जाती है. हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी पेड़ के बीज से निकलने वाला तेल त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता. महुआ के बीज का तेल चेहरे की चमक बढ़ाने, रूखी त्वचा को ठीक करने और चर्म रोग में राहत देने में मददगार माना जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
महुआ के फूलों का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ शरीर को ठंडक भी प्रदान करता है. इसी वजह से गर्मियों के मौसम में महुआ के फूलों की डिमांड बढ़ जाती है. बाजारों में महुआ के फूल 100 रुपये से अधिक कीमत पर बिकते हैं. खाने में हल्का मीठा स्वाद होने के कारण इसकी मांग भी ज्यादा रहती है. महुआ के फूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इनका उपयोग कई प्रकार के पारंपरिक व्यंजन बनाने में किया जाता है.
महुआ एक ऐसा पेड़ है जिसकी छाल, फल और बीज तक में औषधीय गुण पाए जाते हैं. यदि कोई व्यक्ति दांत दर्द या दांत हिलने की समस्या से परेशान है, तो सुबह महुआ के पेड़ की टहनियों से दातुन करने पर दांतों के दर्द में राहत मिल सकती है. महुआ की छाल टॉन्सिलाइटिस, मसूड़ों की परेशानी, मधुमेह और अल्सर जैसी समस्याओं में भी उपयोगी मानी जाती है.
आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार के अनुसार महुआ की पत्तियों में एल्कलॉइड, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, सैपोनिन, टैनिन और ट्राइटरपीनोइड्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी माने जाते हैं. गठिया के दर्द और सूजन को कम करने के लिए भी महुआ की छाल का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा महुआ की छाल को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाकर पीना भी फायदेमंद माना जाता है.
First Published :
March 11, 2026, 15:38 IST










