महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। इसी बीच मुंबई के वर्षा बंगले पर NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सीएम मुलाकात की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मुलाकात में सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल (अजीत पवार गुट) और एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल शामिल रहे।
यह मुलाकात और फडणवीस की दिल्ली यात्रा मिलकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें पैदा कर रही हैं। सवाल उठ रहे हैं क्या यह एनसीपी (एसपी) के महायुति गठबंधन में शामिल होने या विलय का संकेत है? या फिर जयंत पाटिल को वित्त मंत्रालय सौंपने की तैयारी चल रही है?
महाराष्ट्र में एनसीपी दो हिस्सों में बंटी हुई है। अजीत पवार गुट महायुति का हिस्सा है, जबकि दूसरा गुट शरद पवार के नेतृत्व में एनसीपी (एसपी) के रूप में विपक्ष में है। जनवरी 2026 में अजीत पवार के निधन के बाद उनके गुट में पोर्टफोलियो और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेता अक्सर मुख्यमंत्री से मिलकर अपने गुट के हितों की बात करते रहे हैं। दूसरी ओर, एनसीपी (एसपी) विपक्ष में रहते हुए भी कभी-कभी प्रशासनिक मुद्दों पर बातचीत करती रही है।
वर्षा बंगला मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है। यहां पर सुनील, अजीत पवार गुट के प्रफुल्ल पटेल और एनसीपी एसपी के जयंत पाटिल की एक साथ मुलाकात होना असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर दोनों गुटों के नेता अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग मिलते हैं। यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि तीनों नेताओं ने एक साथ मुलाकात की या अलग-अलग मुद्दों पर बात हुई।
इस बैठक ऐसे समय में हुई है, जब बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली दौरे पर रहेंगे। आमतौर पर ऐसे दौरे के केंद्रीय नेतृत्व यानी पार्टी अध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात, पार्टी रणनीति या राज्य-केंद्र के मुद्दों पर चर्चा के लिए होते हैं। इस यात्रा के दौरान महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति, गठबंधन संबंधी बातें या आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
हाल के दिनों में जयंत पाटिल और BJP के विनोद तावड़े की मुलाकात से ही ऐसी अफवाहें शुरू हो गई थीं। कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे “ऑपरेशन तुतारी” या एनसीपी (एसपी) के महायुति में आने का संकेत मान रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो विपक्ष कमजोर होगा और महायुति और मजबूत हो जाएगी।
इसके अलावा, जयंत पाटिल अनुभवी नेता हैं। वे पहले महाराष्ट्र के वित्त मंत्री रह चुके हैं। अगर एनसीपी (एसपी) का कोई समर्थन या गठबंधन होता है, या अजीत पवार गुट में बदलाव आता है, तो उन्हें महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो दिया जा सकता है। यह अटकल इसलिए भी चल रही है क्योंकि वित्त विभाग राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक है और अनुभवी हाथों में होना जरूरी माना जाता है।










