मलाई लस्सी, मखाना रबड़ी….मिर्जापुर के पांच फेमस मिठाई, नहीं खाए तो पछताएंगे

Last Updated:May 08, 2026, 06:47 IST

मिर्जापुर के ये पांच फेमस मिठाई है, जिनके स्वाद और शुद्धता का राज उनके अंदर ही छुपा हुआ है. बेहद शानदार तरीके से यह मिठाई तैयार की जाती है. मखाने की लस्सी और गुलाब जामुन का कोई जवाब नहीं है. दोनों लाजवाब है. 

मिर्जापुर: अगर आप भी मिर्जापुर जिले में आ रहे हैं, तो यहां की पांच फेमस चीजें खाना बिल्कुल नहीं भूले. इनका स्वाद आपके दिलों पर छाप छोड़ देगा. मिर्जापुर शहर का गुलाब जामुन, शिवपुर का पेड़ा, गुड़ वाली बर्फी, मखाने की रबड़ी और मलाई लस्सी खूब फेमस है, इनका स्वाद बेहद ही लाजवाब है,  देश के अलग-अलग प्रांतों से लोग स्वाद का आनंद लेने के लिए आते हैं और स्वाद का जायका लेने के बाद पैक कराकर साथ ले जाते हैं.

मिर्जापुर के अहरौरा का मलाई लस्सी खूब फेमस है. मलाई में हल्का बर्फ मिलने के बाद चीनी मिठास को बढ़ा देता है. अच्छी तरह से मिलाने के बाद मिट्टी के पुरवा में खाने को दिया जाता है. सौधी मिट्टी की खुश्बू उसके स्वाद को बेहतरीन कर देता है. कई लोग खाने के बाद पैक कराकर ले जाते हैं.

मिर्जापुर के बरकछा कलां का गुलाब जामुन बेहद प्रसिद्ध है. गुलाब जामुन शुद्ध देसी खोए से तैयार किया जाता है. इसके स्वाद का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.

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विंध्याचल के पास स्थित शिवपुर का पेड़ा खूब फेमस है. शिवपुर में देसी तरीके से शुद्ध खोए से पैदा तैयार किया जाता है. चीनी और खोए की मदद से बना यह पेड़ा खूब फेमस है. शिवपुर का पेड़ा न सिर्फ मशहूर है, बल्कि यहां से लोग इसे पैक करा कर ले जाते हैं. यह कई दिनों तक खराब भी नहीं होता है. अगर आप मिर्जापुर आ रहे हैं तो पेड़े का स्वाद जरूर लें.

कछवां में मिलने वाली गुड़ की बर्फी सिर्फ एक ही स्थान पर मिलती है. इसे बनाने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है. गुड़ की चासनी बनाने में काफी कठिनाई होती है. यह मिठाई स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है और पेट के लिए भी.

शहर के कछवां में स्थित भानु के गुड़ की बर्फी का स्वाद लाजवाब है. खोए से चीनी की बजाय गुड़ की मदद से बर्फी को बनाया जाता है. बर्फी को बेहतर बनाने के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है. वरना यह खराब हो जाता है. यह सेहत के लिए नुक्सानदेह नहीं है.

मिर्जापुर के कुछ फेमस मिठाई थे, जिनके स्वाद और शुद्धता का राज उनके अंदर ही छुपा हुआ है. बेहद शानदार तरीके से यह मिठाई तैयार की जाती है. मखाने की लस्सी और गुलाब जामुन का कोई जवाब नहीं है. दोनों लाजवाब है.

मिर्जापुर शहर के चिनियहवा का इनारा का दादाजी के मखाने की रबड़ी खूब फेमस है. मखाने से रबड़ी तैयार करने के बाद 5 घंटे में ही बिक जाती है. शाम को छह बजे के आसपास दुकान लगती है और 10 से 11 बजे तक गायब हो जाती है. चाचा जी की रबड़ी खाने के लिए भी आसपास से काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं.

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