Last Updated:March 11, 2026, 14:16 IST
तेजी से बदलते दौर के साथ ही बच्चों में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की लत भी बढ़ती जा रही है और अब उनकी यह लत उनके लिए अभिशाप बनती जा रही है. इसी कड़ी में मेरठ के एक डॉक्टर के पास ऐसा केस आया है, जो बहुत ही चिंताजनक है. क्योंकि जिस बच्चे को मोबाइल की आदत पड़ी है, अगर उससे उसके माता-पिता मोबाइल फोन छीनते हैं तो गाली देना शुरू कर देता है.
बच्चों में मोबाइल फोन की बढ़ती लत के कारण हो रही हैं बीमारियां.
मेरठः रात में सोते वक्त भी बच्चे के बगल से मोबाइल हटा लें तो वो जाग जाता है, गालियां देने लगता है. स्मार्ट फोन की लत की वजह से बच्चों में भयानक बीमारियां. हो रही हैं. मोबाइल की लत की वजह से छोटे-छोटे बच्चों में ऐसी ऐसी बीमारियां हो रही हैं कि आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे. साइकोलॉजिस्ट और साइकैटरिस्ट के पास ऐसे ऐसे केस पहुंच रहे हैं, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. मेरठ में एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि बताया कि कैसे-कैसे मरीज मोबाइल की लत की वजह से आ जाते हैं.
मोबाइल छीनने पर गाली तक देता है बच्चा
तेजी से बदलते दौर के साथ ही बच्चों में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की लत भी बढ़ती जा रही है और अब उनकी यह लत उनके लिए अभिशाप बनती जा रही है. इसी कड़ी में मेरठ के एक डॉक्टर के पास ऐसा केस आया है, जो बहुत ही चिंताजनक है. क्योंकि जिस बच्चे को मोबाइल की आदत पड़ी है, अगर उससे उसके माता-पिता मोबाइल फोन छीनते हैं तो गाली देना शुरू कर देता है. इस बच्चे का फिलहाल इलाज चल रहा है. चिकित्सकों का कहना है कि अगर माता-पिता यह चाहते हैं कि उनके बच्चे मोबाइल चलाना छोड़ दें या फिर कम चलाएं तो सबसे पहले माता-पिता को खुद भी मोबाइल का इस्तेमाल कम करना होगा. क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो अपने आसपास के वातावरण में देखते हैं.
सीएम योगी भी कर चुके हैं जिक्र
गौरतलब है कि मोबाइल की वजह से कई ऐसे हादसे बच्चों के साथ हुए हैं. जिसमें उनकी जान तक चली गई. बीते दिनों सीएम योगी ने गोरखपुर महोत्सव में स्मार्ट फोन को लेकर कहा “मैं देखता हूँ छोटे छोटे बच्चों को लोग स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं. मत करिए, ये अपराध है. बच्चे को लिखने-पढ़ने की आदत डलवाइये. स्मार्टफोन पकड़ लेगा तो बच्चा ज़िद्दी हो जाएगा. डिप्रेशन का शिकार हो जाएगा.” स्मार्टफोन किस तरह बच्चों को बर्बाद कर रहा है. उनका बचपन छीन रहा है. उन्हें डिप्रेशन में ला रहा है.
कोरोना काल से बढ़ गया बच्चों में मोबाइल का चलन
कोराना काल के दौरान ऑनलाइन क्लासेज़ का चलन शुरु हुआ था तब से बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन क्या आया. ये सिलसिला लगातार चल रहा है. हर बच्चे के हाथ में मोबाइल फोन आ गया है. नन्हें मुन्हे बच्चे भी मोबाइल फोन घंटों लेकर बैठे रहते हैं. माता पिता मोबाइल नहीं देते हैं तो बच्चे ज़िद पर उतारु हो जाते हैं. ये ज़िद अब मानसिक रोग में भी बदल रही है. आए दिन ऐसी घटनाएं प्रकाश में आती हैं कि मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों में कई बड़ी प्रॉब्लम हो गई.
केवल मानसिक ही नहीं रीढ़ की हड्डियों में भी प्रॉब्लम
मेरठ की वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉक्टर कशिका जैन का कहना है कि मोबाइल फोन की वजह से न सिर्फ बच्चों में मानसिक रोग की समस्याएं ज्यादा प्रकाश में आ रही हैं. बल्कि रीड़ की हड्डी से जुड़ी हुई समस्याएं भी लगातार सामने आ रही हैं. चिकित्सक का कहना है कि क्योंकि लगातार छोटे-छोटे बच्चे कई कई घंटे मोबाइल फोन को सिर झुका कर लगातार देखते रहते हैं, इसलिए स्पाइन की प्रॉब्लम्स बच्चों में ज्यादा प्रकाश में आ रही है. डॉक्टर का यह भी कहना है कि मोबाइल से निकलने वाली किरणें बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खास तौर से मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.
About the Author
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
News18 न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
Location :
Meerut,Uttar Pradesh
First Published :
March 11, 2026, 11:20 IST










