कौन हैं सुनील बंसल, जिन्होंने बंगाल में खिलाया कमल, क्या अब UP की है बारी?

Last Updated:May 07, 2026, 16:45 IST

UP Politics: पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत के शिल्पकार सुनील बंसल इन दिनों सुर्ख़ियों में हैं. जिस तरह से उन्होंने ममता बनर्जी के मजबूत किले को उखाड़ फेंका, उसकी चर्चा भी खूब हो रही है. सुनील बंसल ने यह पहली बार नहीं किया. अपने रणनीति कौशल का प्रदर्शन वे यूपी, तेलंगाना और ओडिसा में भी दिखा चुके हैं.

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पश्चिम बंगाल में सुनील बंसल ने ऐसी चुनावी रणनीति बनाई, जिसके सामने ममता बनर्जी जैसी माहिर राजनीतिज्ञ को भी बेबस नजर आईं. (सुनील बंसल के फेसबुक अकाउंट से साभार)

लखनऊ. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के कई मायनों में चर्चे हो रहे हैं.  इन चर्चाओं में एक नाम सबसे ज्यादा सामने आ रहा है. वो नाम है बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल का. सुनील बंसल ने परदे के पीछे से ही बीजेपी की जीत स्क्रिप्ट लिख दी. ऐसा सुनील बंसल ने पहली बार नहीं किया. इससे पहले उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अमित साह के साथ मिलकर यूपी में संगठन की मजबूत नींव रखी. जिसका परिणाम यह रहा कि 2017 में बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता  में आई. तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी प्रमुख विपक्षी दल बनाने का श्रेय उन्हें ही जाता है. ओडिसा में बीजेपी की जीत के शिल्पकार भी वही रहे थे.

यूपी में मजबूत संगठन की नींव रखने वाले इस अनुभवी नेता ने अपनी आजमाई हुई रणनीति और भरोसेमंद टीम को बंगाल में उतारकर पार्टी को बड़ी सफलता दिलाई. सुनील बंसल को पार्टी में ‘इलेक्शन इंजीनियर’ और ‘साइलेंट स्ट्रैटेजिस्ट’ के नाम से जाना जाता है. उत्तर प्रदेश में प्रदेश बीजेपी के पूर्व संगठन महामंत्री रह चुके बंसल चार प्रमुख चुनावों में पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं. उनकी कार्यशैली शांत लेकिन बेहद प्रभावी मानी जाती है.

बंगाल में यूपी फॉर्मूला कामयाब

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत में सुनील बंसल ने यूपी में सफल साबित हुए माइक्रो मैनेजमेंट का इस्तेमाल किया. उन्होंने अपनी यूपी टीम को बंगाल भेजा, जिसने स्थानीय स्तर पर विवाद सुलझाए, बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार किया और डेटा-आधारित प्लानिंग के जरिए पार्टी की जड़ें मजबूत कीं. स्थानीय मुद्दों को समझते हुए बूथ-वार रणनीति बनाने, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और हर वोटर तक पहुंच बनाने का काम बंसल की टीम ने चुपचाप, लेकिन प्रभावी ढंग से किया. यही वजह रही कि बीजेपी बंगाल में अपनी अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रही.

अब नजर 2027 यूपी पर?

सुनील बंसल यूपी में बीजेपी संगठन के पुराने खिलाड़ी हैं. उन्हें अमित शाह की भरोसेमंद टीम का सदस्य माना जाता है. बंगाल में मिली सफलता के बाद पार्टी के अंदर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बंसल को फिर से यूपी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंसल की संगठनात्मक क्षमता और बूथ लेवल मैनेजमेंट का मॉडल यूपी जैसे बड़े राज्य के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है.

पर्दे के पीछे से काम करने की शैली

सुनील बंसल की शैली हमेशा पर्दे के पीछे काम करने की रही है. चाहे यूपी हो, ओडिशा हो या अब बंगाल, हर जगह उन्होंने बिना शोर मचाए नतीजे दिए हैं. अब देखना यह होगा कि आगामी चुनावों में भाजपा इस अनुभवी रणनीतिकार को किस भूमिका में तैनात करती है.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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