Last Updated:June 15, 2026, 18:39 IST
Sachin Tendulkar 1000 Dollar Wicket: इंटरनेशनल क्रिकेट में रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले सचिन तेंदुलकर का विकेट लेना दुनिया के बड़े से बड़े दिग्गज गेंदबाजों के लिए एक सपने जैसा होता था. ग्लेन मैक्ग्रा, वसीम अकरम, शेन वॉर्न और शोएब अख्तर जैसे गेंदबाजों के लिए भी सचिन को आउट करना आसान नहीं रहा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा गेंदबाज भी रहा है, जिसके पूरे करियर में सिर्फ एक ही विकेट दर्ज है और वो इकलौता शिकार कोई और नहीं, बल्कि खुद सचिन तेंदुलकर थे. इतना ही नहीं, उस दौर में इस खिलाड़ी को सचिन का विकेट लेने के लिए बाकायदा 1000 डॉलर का नकद इनाम भी मिला था. आइए जानते हैं क्रिकेट इतिहास के इस बेहद दिलचस्प किस्से के बारे में…
यह बात है साल 2004 की, जब श्रीलंका के दांबुला में एशिया कप का आयोजन हो रहा था. इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टेस्ट खेलने वाली बड़ी टीमों के अलावा दो असोसिएट (जिन्हें टेस्ट का दर्जा नहीं प्राप्त) टीमें भी हिस्सा ले रही थीं- हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात (UAE).
यूएई की टीम उस समय नई-नई उभर रही थी. उन्होंने 1996 में अपना पहला और एकमात्र वर्ल्ड कप खेला था और लगातार तीन बार एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ट्रॉफी जीती थी. हालांकि, भारत जैसी मजबूत टीम के सामने उनकी चुनौती बेहद कमजोर मानी जा रही थी. भारत और यूएई के बीच होने वाले मैच को लेकर फैंस और मीडिया में कोई खास रोमांच नहीं था, क्योंकि सबको पता था कि नतीजा क्या होने वाला है.
लेकिन मैच से ठीक पहले यूएई के एक लोकल ऑफिशियल और स्पॉन्सर ने इस मुकाबले में तड़का लगा दिया. उन्होंने टीम के दुबई से रवाना होने से पहले एक बड़ा ऐलान किया. स्पॉन्सर ने घोषणा की कि यूएई का जो भी गेंदबाज मैच में भारत के स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को आउट करेगा, उसे 1000 डॉलर का विशेष नकद बोनस दिया जाएगा.
Add News18 as
Preferred Source on Google
जैसे ही यह खबर बाहर आई, हर तरफ इसकी चर्चा होने लगी. हालांकि, यूएई की टीम के लिए यह केवल पैसों का मामला नहीं था. मैच से पहले जब यूएई के कप्तान खुर्रम खान से इस इनामी राशि के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही दिल छूने वाली बात कही. खुर्रम खान ने एक इंटरव्यू में कहा था, “जाहिर तौर पर तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी के खिलाफ खेलने की सोच कर ही हमारे मन में एक अलग सा डर और सम्मान है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमारी टीम का कोई भी खिलाड़ी केवल पैसों के लालच में उनका विकेट लेना चाहेगा. सचिन तेंदुलकर का विकेट अपने आप में एक ऐसा पुरस्कार है, जिसकी तुलना किसी भी दौलत से नहीं की जा सकती.’
यूएई के कप्तान ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए उसी महीने (जून 2004) यूरो कप फुटबॉल में ग्रीस की टीम को मिली अप्रत्याशित खिताबी जीत का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि खेल में कुछ भी असंभव नहीं है और वे बस इस ऐतिहासिक पल का आनंद लेना चाहते हैं. मैच का दिन आया. भारतीय बल्लेबाजी के सामने यूएई के गेंदबाज संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उसी दौरान मैदान पर वो लम्हा आया जिसने एक गुमनाम खिलाड़ी को हमेशा-हमेशा के लिए क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया.
यह यूएई के एक बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज आसिम सईद थे. आसिम ने अपनी एक गेंद पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को चकमा दिया और उन्हें आउट कर दिया. मैदान पर यूएई के खिलाड़ियों के जश्न का ठिकाना नहीं था. यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि क्रिकेट की भाषा में कहें तो यह ‘हजार डॉलर का विकेट’ (Thousand-Dollar Wicket) था. आसिम सईद को सचिन को आउट करने के बदले वो 1000 डॉलर का इनाम तो मिला ही, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह थी कि उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज को आउट करने का गौरव हासिल हुआ.
कहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ यह है कि आसिम सईद का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर बहुत छोटा रहा. उन्होंने अपने पूरे इंटरनेशनल करियर में जो एकमात्र विकेट हासिल किया, वो खुद सचिन रमेश तेंदुलकर ही था. क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसे गेंदबाज हुए हैं जिन्होंने सैकड़ों विकेट लिए, लेकिन आसिम सईद ने सिर्फ एक विकेट लेकर वो शोहरत हासिल कर ली जो बड़े-बड़ों को नसीब नहीं होती. एक छोटे देश के खिलाड़ी के लिए, जिसके पास बड़े मंच पर खेलने के मौके न के बराबर थे, यह सिर्फ पैसे कमाने का जरिया नहीं था. यह एक ऐसी याद थी जो जीवन भर उनके साथ रहेगी.










