बौर झड़ने से कम हो रही आम की पैदावार? जानिए क्या कहती है विशेषज्ञों की सलाह
Last Updated:March 12, 2026, 13:52 IST
आम के पेड़ों में बौर आने के बाद तेजी से झड़ने की समस्या किसानों के लिए बड़ी चिंता होती है, जिससे फलों की संख्या कम हो जाती है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बोरान युक्त मल्टीन्यूट्रिएंट का स्प्रे, कीट नियंत्रण और ट्रैप जैसे उपाय अपनाकर किसान बौर झड़ने से बचा सकते हैं और आम की पैदावार बढ़ा सकते हैं.
बहराइच. आम के पेड़ में बौर आने के बाद सबसे बड़ी समस्या बौर की तेजी से झड़ने की आती है, अंत में झड़ते- झड़ते कुछ ही फल के लिए बौर बचे होते हैं. जिससे पेड़ों में लगने वाले आम की संख्या घट जाती है, हर वह किसान जो आम की खेती करता है, वह अपने पेड़ों में अधिक फल चाहता है, इसके लिए किसानों को कुछ बातों का ध्यान रखना है, जिसके बाद फलों से पेड़ लद जायेंगे. बहराइच कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सी.पी.एन गौतम ने बताया की, आम को लेकर ज्यादातर किसान जानकारी न होने के अभाव से कल्टार दवा का छिड़काव करते हैं, जिसका छिड़काव बिल्कुल नहीं करना है. इसके लिए हमारे किसानों को मल्टीन्यूट्रेन कई तरह के जो बाजार में आते हैं जिसमें खासकर “बोरान” जरूर हो, बोरान करता क्या है बोरान Boron – B एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो पौधों में फल-फूल के विकास, फलों को फटने से रोकता है, डंठल मजबूत करता है और पोषक तत्वों के परिवहन में मदद करता है, इसलिए हमारे किसान भाइयों को इसका प्रयोग अवश्य करना चाहिए.
जाने कैसे करना है इसका स्प्रे
आम के पौधे में बहुत सारे चुस्क कीट भी लग जाते हैं, इसलिए मल्टीन्यूट्रिन में हम कीटनाशक भी मिलाकर पावर स्प्रे से स्प्रे करते हैं. इसके अलावा आम का सबसे बड़ा घातक कीट,जो कोमल टहनियों, पत्तियों और फल के डंठलों से रस चूसकर उन्हें सुखा देता है. इसको नियंत्रित करने के लिए किसानों को एक देसी जुगाड़ भी अपनाना चाहिए. इसको लेकर आम के तने में चारों तरफ से बड़ी पानी को लेकर थोड़ा मिट्टी में दबाकर ऊपर टहनियां में लपेट देना चाहिए. इससे यह कीट तने की रास्ते ऊपर चढ़ते हैं फिर नुकसान करते हैं, पन्नी लगी होने के कारण यह चढ़ नहीं पाते और नीचे ही रह जाते है, इसके बाद आप निरमा आदि डिटर्जेंट का घोल बनाकर डालकर इनको नष्ट कर सकते हैं. इसके अलावा किसान फल आने के बाद फ्रूट फ्लाई ट्रैप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जिससे फलों में पढ़ने वाले कीटों को भी रोका जा सकता है. यह इतने नुकसानदायक होते हैं कि पेड़ों पर चढ़कर बौर की टहनियों को चूस लेते हैं जिससे टहनियां कमजोर हो जाती हैं और आधे से ज्यादा बौर हमारा नीचे गिर जाते है तो बौर को रोकने में यह बेहद मददगार ट्रिक है. जिसको मैकेनिक कंट्रोल कहते हैं इसे करना भी बेहद आसान.
आम के बौर पर लग जाए भुंगे कीट तो या करें काम
आम के बौर आने पर बौर में ज्यादातर भुंगे की समस्या देखी जाती है, ऐसे में किसान भाइयों को स्टेटिक ट्रैप लगाकर नियंत्रण करना चाहिए, जो मार्केट में आसानी से मिल भी जाता है, जिसकी कीमत की बात करें तो लगभग 150 रुपए में दर्जन आते हैं. विशेष कर नीले रंग का ट्रैप लगाना चाहिए. इसमें नुकसानदायक किट आकर्षक होकर चिपक कर नष्ट हो जाते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखकर किसान अपने आम के पेड़ फल को स्वस्थ रख सकते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
Location :
Bahraich,Uttar Pradesh
First Published :
March 12, 2026, 13:52 IST










