गेहूं बुवाई से पहले खेत की ताकत बढ़ाएंगी ये 2 चीजें, वैज्ञानिक ने बताई ट्रिक
Last Updated:October 20, 2026, 14:19 IST
Wheat farming tips : धान की कटाई के बाद किसान भाई गेहूं की बुवाई में जुट चुके हैं. दोनों फसलों के बीच ज्यादा अंतराल न होने से किसानों के पास खेत की उर्वरक शक्ति बढ़ाने के लिए बहुत कम समय बचता है. मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता लोकल 18 से बताते हैं कि कम समय मिलने के कारण हरी खाद तैयार करना मुश्किल होता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. किसान भाई अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद या केंचुआ खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता कहते हैं कि इससे मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गतिविधियां बेहतर हो जाती हैं.
मुरादाबाद. धान की कटाई के बाद किसान गेहूं की बुवाई की तैयारी में जुट जाते हैं. ऐसे में किसानों के पास खेत की उर्वरक शक्ति बढ़ाने के लिए बहुत कम समय बचता है. इस स्थिति में किसान गोबर की खाद और केंचुआ खाद का इस्तेमाल करके मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं. इससे मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ाने, पोषक तत्व उपलब्ध कराने और फसल की अच्छी बढ़वार में मदद मिलती है. मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता लोकल 18 से बताते हैं कि धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई के बीच कम समय मिलने के कारण हरी खाद तैयार करना मुश्किल होता है. ऐसे में किसान अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद या केंचुआ खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं.
एक एकड़ के लिए कितना
डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता कहते हैं कि इससे मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गतिविधियां बेहतर होती हैं. इसका फायदा मिट्टी की संरचना और फसल की बढ़वार पर पड़ सकता है. गेहूं की बुवाई से पहले किसान प्रति एकड़ लगभग 18 क्विंटल केंचुआ खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर केंचुआ खाद उपलब्ध नहीं है तो अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद भी खेत में डाली जा सकती है. किसान लगभग दो ट्रॉली गोबर की खाद खेत में डालकर जुताई कर सकते हैं।
खाद डालने के बाद क्या करें
डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के मुताबिक, खेत में खाद डालने के बाद उसकी अच्छी तरह जुताई करें, ताकि खाद मिट्टी में मिल जाए. इससे मिट्टी की संरचना सुधारने, नमी बनाए रखने और पौधों की जड़ों के विकास में मदद मिल सकती है. खेत की मिट्टी और पहले से उपलब्ध पोषक तत्वों के अनुसार खाद की मात्रा तय करना भी जरूरी है. किसान भाई गेहूं की बुवाई से पहले मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने पर ध्यान दें. गोबर की खाद और केंचुआ खाद का उचित इस्तेमाल मिट्टी की उर्वरक शक्ति बनाए रखने में मदद कर सकता है. समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और सिंचाई का ध्यान रखने से गेहूं की पैदावार बेहतर करने और खेती की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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Moradabad,Uttar Pradesh
First Published :
October 20, 2026, 14:19 IST










