Last Updated:September 14, 2026, 12:00 IST
अनुराग कश्यप अब भले ही मुंबई की चकाचौंध से दूर बेंगलुरु शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन फिल्मों की दुनिया से दूरी बनाने से पहले फिल्ममेकर ने कइयों की किस्मत बदली है. अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने कई कलाकारों को वो पहचान और मुकाम दिलाया जिसकी उन्हें बरसों से तलाश थी.
नई दिल्ली. साल 2012 में अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के दो पार्ट रिलीज हुए. इस फिल्म ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी, मनोज बाजपेयी और हुमा कुरैशी को पहचान दिलाई. ‘’गैंग्स ऑफ वासेपुर’’ से पहचान हासिल करने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने हालिया इंटरव्यू में बताया कि कैसे इस एक फिल्म की सफलता ने इंडस्ट्री में उनके लिए अनेक रास्ते खोल दिए.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिनती भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में होती है, जिन्होंने अपने हुनर के दम पर पहचान बनाई है. ट्रेडिशनल हीरो की तरह ने दिखने के बावजूद उन्होंने अपनी कला और हुनर के दम पर पहचान हासिल की. लेटेस्ट इंटरव्यू में एक्टर से पूछा गया कि किस फिल्म ने उन्हें पहली बार एक असली स्टार होने का अहसास कराया, तो उन्होंने बिना झिझक ”गैंग्स ऑफ वासेपुर’ 2′ का नाम लिया.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एनडीटीवी से बात करते हुए अपने करियर के शुरुआती दौर को याद किया. वो कहते हैं कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने उनके लिए चीजें बदलकर रख दीं. अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ‘फैज़ल खान’ के किरदार ने नवाजुद्दीन की किस्मत पूरी तरह बदल दी.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
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इस फिल्म की सफलता के बाद उनके पास ऑफर्स की बाढ़ आ गई. नवाज के मुताबिक, फिल्म रिलीज़ होने के बाद उन्हें लगभग 200 फिल्मों की स्क्रिप्ट्स मिलीं. एक्टर बताते हैं कि उनके किरदार की लोकप्रियता को देखते हुए मेकर्स उन्हें मुंह मांगी कीमत देने को तैयार रहते थे.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
वो कहते हैं कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद उनके पास 200 स्क्रिप्ट्स के ऑफर्स थे. कई मेकर्स ने उन्हें ब्लैंक चेक तक दे दिया था और वो अपने मन मुताबिक उसमें फीस भर सकते थे. यहां तक कि मेकर्स उनकी खाली डेट के अनुसार काम करने को तैयार रहते थे.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
अक्सर देखा जाता है कि ऐसी सफलता मिलने के बाद कलाकार हर काम स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन नवाज ने संयम से काम लिया. उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं से समझौता नहीं किया और उन 200 स्क्रिप्ट्स में से एक भी साइन नहीं की, क्योंकि उन्हें किसी की भी कहानी दमदार नहीं लगी. उन्होंने एक सही और असरदार किरदार के लिए इंतजार करना ही बेहतर समझा.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
नवाजुद्दीन सिद्दीकी कहते हैं कि उन्हें कोई स्क्रिप्ट दमदार नहीं लगी और उन्होंने कई साल तक इंतजार करने का फैसला लिया. वो कहते हैं, ‘मुझे इंतजार करने की आदत थी. मैं कई साल से काम का इंतजार कर रहा था. मैंने सोचा कि जल्दबाजी में कुछ साइन करने से अच्छा होगा कि मैं और 2-3 साल अच्छी स्क्रिप्ट का इंतजार कर लूंगा’.(फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
एक्टर आगे कहते हैं कि भगवान कि ऐसी कृपा रही कि उन्हें ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद कई सालों का इंतजार नहीं करना पड़ा था. बहुत जल्द ही उन्हें काम मिलने लग गया था. पिछले 14 सालों में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अलग-अलग तरह के किरदार अदा कर दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच एक खास जगह हासिल कर ली थी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम nawazuddin._siddiqui)
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September 14, 2026, 12:00 IST










