स्मार्ट किसान अवनीश, हाईटेक फव्वारा और स्पेशल पैड के साथ गायों की कर रहे देख-रेख

Last Updated:July 03, 2026, 10:38 IST

अवनीश की डेयरी में 10 से अधिक गायें हैं, जिनमें अलग-अलग नस्ल की गायें शामिल हैं. इनसे प्रतिदिन 100 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है. इस दूध को केवल बेचने तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इससे विभिन्न प्रकार के मिल्क प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराए जाते हैं. वैल्यू एडिशन के जरिए डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया गया है. अक्सर देखा जाता है कि, कई डेयरी संचालक दूध उत्पादन पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन पशुओं की सुविधाओं को नजरअंदाज कर देते हैं. अवनीश पांडे का मॉडल इस सोच से बिल्कुल अलग है. गर्मी के मौसम में गायों को राहत देने के लिए उन्होंने डेयरी में विशेष हाईटेक व्यवस्था की है.

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले किसान ‘अवनीश पांडे’ आधुनिक खेती और डेयरी प्रबंधन का ऐसा उदाहरण पेश कर रहे हैं, जो दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है. एक तरफ वह आधुनिक तकनीक से सब्जियों की खेती कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपनी डेयरी को भी पूरी तरह व्यवस्थित और हाईटेक बनाया है. खेती और डेयरी के इस संतुलित मॉडल से वह अच्छी आय के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पाद भी तैयार कर रहे हैं.

100 लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन

अवनीश की डेयरी में 10 से अधिक गायें हैं, जिनमें अलग-अलग नस्ल की गायें शामिल हैं. इनसे प्रतिदिन 100 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है. इस दूध को केवल बेचने तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इससे विभिन्न प्रकार के मिल्क प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराए जाते हैं. वैल्यू एडिशन के जरिए डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया गया है. अक्सर देखा जाता है कि, कई डेयरी संचालक दूध उत्पादन पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन पशुओं की सुविधाओं को नजरअंदाज कर देते हैं. अवनीश पांडे का मॉडल इस सोच से बिल्कुल अलग है. गर्मी के मौसम में गायों को राहत देने के लिए उन्होंने डेयरी में विशेष हाईटेक व्यवस्था की है.

ऑटोमेटिक फवारा सिस्टम

डेयरी शेड में ऑटोमेटिक फवारा सिस्टम लगाया गया है, जो तय समय के अंतराल पर गायों के ऊपर पानी का छिड़काव करता रहता है. इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और गर्मी का असर कम होता है. इसके अलावा गायों के बैठने के लिए विशेष कूल पैड लगाए गए हैं, जो गर्म नहीं होते. इससे पशु आरामदायक माहौल में रहते हैं और हीट स्ट्रेस की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है. पशु चिकित्सा शिवकुमार वर्मा का मानना है कि, यदि पशुओं को साफ-सुथरा और तनावमुक्त वातावरण मिले तो दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. अवनीश पांडे हर वर्ष गर्मी शुरू होने से पहले डेयरी में इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते हैं, ताकि गायों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

किसानों के लिए बन रहे प्रेरणा

आधुनिक तकनीक, पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और डेयरी में वैज्ञानिक प्रबंधन के कारण अवनीश पांडे का मॉडल गोरखपुर के किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. उनका मानना है कि यदि किसान खेती के साथ डेयरी को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ें और पशुओं की बेहतर देखभाल करें, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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