असम के संगीत जगत के सुपरस्टार जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. गुरुवार को पुलिस ने खुलासा किया कि जुबीन के लंबे समय से सहयोगी संगीतकार शेखरज्योति गोस्वामी और गायिका अमृतप्रभा महंता को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले फेस्टिवल ऑर्गनाइजर श्यामकानु महंता और जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब कुल चार लोग हिरासत में हैं. एसआईटी ने छह दिनों की कड़ी पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की, और अब मामला हत्या की धाराओं में दर्ज हो गया है.
जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर के समुद्र में नौका यात्रा के दौरान हुई थी. आधिकारिक तौर पर डूबने की वजह बताई गई, लेकिन परिवार और फैंस को शक है कि यह हादसा नहीं, साजिश हो सकती है. पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने सीआईडी को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है और पूरी जांच होनी चाहिए. एसआईटी ने एक 10 सदस्यीय टीम तैयार की है जो सिंगापुर जाएगी.
शेखरज्योति गोस्वामी जुबीन के ड्रमर
पुलिस के मुताबिक, शेखरज्योति गोस्वामी जुबीन के ड्रमर और लंबे समय के बैंडमेट थे. वे घटना वाले दिन नौका पर मौजूद थे. पूछताछ में शेखरज्योति ने बताया कि उन्होंने जुबीन का सिर पकड़ रखा था, लेकिन वह बेसुध हो चुके थे. अगर सिर को दाएं झुकाया तो दाएं लुढ़क जाता, बाएं तो बाएं. फिर उन्होंने मदद मांगी. लेकिन एसआईटी को उनके बयानों में विरोधाभास मिला. शेखरज्योति सिंगापुर के समुद्र में तैर रहे थे, जबकि जुबीन को तैरना बिल्कुल नहीं आता था. सवाल उठ रहा है कि आखिर नौका पर तैराकी का आयोजन क्यों किया गया? शेखरज्योति को साउंड इंजीनियर, म्यूजिक प्रोड्यूसर और कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर के रूप में जाना जाता है. उनकी इंस्टाग्राम बायो भी यही बताती है.
अमृतप्रभा महंता एक उभरती गायिका
दूसरी ओर, अमृतप्रभा महंता एक उभरती गायिका हैं, जो जुबीन के साथ कई प्रोजेक्ट्स में जुड़ी रहीं. वे भी नौका पर थीं और पूछताछ के दौरान सबसे पहले बोलने वाली निकलीं. चौंकाने वाली बात यह है कि अमृतप्रभा ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया था. एसआईटी ने यह वीडियो जब्त कर लिया है, और अब फोरेंसिक जांच हो रही है. क्या वीडियो में कुछ छिपा है जो हादसे की सच्चाई बयां करे? अमृतप्रभा ने कहा कि वे सिर्फ मेमेंटो के लिए शूट कर रही थीं, लेकिन पुलिस को शक है.
श्यामकानु महंता पहले ही गिरफ्तार
इससे पहले 30 सितंबर को श्यामकानु महंता को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सिंगापुर से लौटते ही गिरफ्तार किया गया. वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के चीफ ऑर्गेनाइजर थे, जहां जुबीन परफॉर्म करने सिंगापुर गए थे. मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा को गुड़गांव के एक अपार्टमेंट से पकड़ा गया. दोनों को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा गया. असम सरकार ने महंता पर राज्य में कोई इवेंट आयोजित करने पर बैन लगा दिया है. 54 एफआईआर इनके खिलाफ दर्ज हो चुकी हैं . सीएम बोले-जवाब नहीं मिला तो सीबीआई को सौंप देंगे
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, हम जुबीन के फैंस हैं. एसआईटी की जांच अगर संतोषजनक नहीं हुई तो सीबीआई को सौंप देंगे. अफवाहें न फैलाएं, कानून के हाथ लंबे होते हैं. जुबीन के शव को असम लाने से लेकर अंतिम संस्कार तक सरकार ने राज्य सम्मान दिया. पत्नी गरिमा ने जोरहाट में 13वें दिन की रस्में निभाईं और कहा, संदिग्धों को पकड़ना राहत की बात है. पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए. सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeen ट्रेंड कर रहा है. फैंस प्रोटेस्ट कर रहे हैं, लेकिन दो लोगों को भीड़ भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया. सिंगापुर असम एसोसिएशन के सदस्यों से भी पूछताछ हुई है. जुबीन के भाई संदीपन गर्ग, एक्ट्रेस निशिता गोस्वामी और लोकल टीवी चैनल के मालिक संजीव नारायण से भी बयान लिए गए. पुलिस ने तीनों के फोन जब्त कर लिए हैं.
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