Last Updated:March 12, 2026, 10:59 IST
UPPCL News: यूपी में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अब से अगर मीटर रिचार्ज करने के बाद दो घंटे के भीतर लाइट नहीं आती है तो 50रु का मुआवजा यूपीपीसीएल उपभोक्ता को देगा. नए फैसले के मुताबिक निगेटिव बैलेंस के चलते बिजली कटने के बाद अगर उपोभक्ता रिजार्च करता है और उसके दो घंटे के भीतर घर में लाइट नहीं आती है तो यूपीपीसीएल की तरफ से मुआवजा उपभोक्ता मिलेगा.
यूपी में स्मार्ट मीचर रिचार्ज को लेकर बड़ा फैसला.
लखनऊः यूपी में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अब से अगर मीटर रिचार्ज करने के बाद दो घंटे के भीतर लाइट नहीं आती है तो 50रु का मुआवजा यूपीपीसीएल उपभोक्ता को देगा. नए फैसले के मुताबिक निगेटिव बैलेंस से कटी बिजली रिचार्ज के 2 घंटे में नहीं आई तो 50 रुपये का मुआवजा देना होगा. यह मुआवजा नियम 13 मार्च से अनिवार्य रूप से लागू हो सकता है. मुआवजा नियम यूपी विद्युत नियामक आयोग के स्टैंडर्ड ऑफ़ परफॉरमेंस रेगुलेशन 2019 में शामिल है. 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं पर मुआवजा नियम लागू होगा. 70 लाख उपभोक्ताओं के खातों में 1400 करोड़ रुपये का निगेटिव बैलेंस दिखाया जा रहा है.
रिजार्च खत्म होते ही कट जाएगी लाइट
वहीं पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को और सख्ती से लागू किया जा रहा है. बिजली विभाग के अनुसार अगर 13 मार्च से यदि किसी उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म हो जाता है तो उसकी बिजली सप्लाई अपने आप बंद हो सकती है. यह पूरा प्रोसेस ऑटोमैटिक होगा. इसके लिए किसी भी कर्मचारी को मौके पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल, सरकार का कहना है कि इससे बिजली बिल से जुड़ी कई पुरानी समस्याएं खत्म होंगी. गलत बिल, औसत बिलिंग और बकाया पेमेंट जैसी परेशानियों कम हो जाएंगी.
स्मार्ट मीटर के लौटाए जाएंगे अतिरिक्त शुल्क
बता दें कि अभी इससे पहले आयोग ने एक और बड़ै फैसला सुनाया था, जिसमें उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूले गए अतिरिक्त रुपये लौटाने को कहा गया था. उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. विभाग द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूले गए लाखों रुपये उपभोक्ताओं के वापस किए जाएंगे. आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि एक अप्रैल,2025 के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए गए हैं, उनके पैसे बिजली बिलों में समायोजित यानी कि एडजस्ट करके लौटाई जाए. बता दें कि यह अतिरिक्त रासि 127 करोड़ रुपये है.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
Location :
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
March 12, 2026, 10:59 IST










