परमब्रत-स्वास्तिका के खिलाफ FIR दर्ज, लगे हिंसा भड़काने के आरोप, जानें क्या है मामला

Last Updated:May 22, 2026, 08:01 IST

एक्टर परमब्रत चट्टोपाध्याय और एक्ट्रेस स्वास्तिका मुखर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर साल 2021 में सोशल मीडिया पर दोनों के एक पोस्ट को लेकर की गई है. दोनों के पोस्ट को भड़काऊ बताया गया है. पोस्ट उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान किया था. परमब्रत ने ‘कहानी’और ‘परी’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है. वहीं, स्वास्तिका ने ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी!’, ‘दिल बेचारा’ और ‘कला’ में काम किया.

‘पाताल लोक’ और ‘दिल बेचारा’ जैसी सीरीज और फिल्मों में काम कर चुकीं प्रतिभाशाली एक्ट्रेस स्वास्तिका मुखर्जी और कहानी, बुलबुल जैसी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर परमब्रत चट्टोपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. कुछ साल पहले अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स के कारण विवादों में फंस गए थे. पुलिस ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

ताजा जानकारी के मुताबिक, समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा के दौरान कथित भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट्स के चलते परमब्रत चट्टोपाध्याय और स्वास्तिका मुखर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

यह शिकायत गड़ियाहाट पुलिस स्टेशन में वकील जयदीप सेन ने दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि दोनों कलाकारों ने सोशल मीडिया पर ऐसे बयान दिए, जो मई 2021 में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हिंसा को भड़काने का काम कर सकते थे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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शिकायत के अनुसार, परमब्रत ने 2 मई 2021 को एक्स (तब ट्विटर) पर पोस्ट किया था, जब तृणमूल कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर लिया था. उन्होंने एक्स पर लिखा था, “आज को वर्ल्ड थ्रैशिंग डे घोषित कर दिया जाए.” वहीं, स्वास्तिका ने इस पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, “हाहा, ऐसा ही हो.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसे बयान चुनाव के बाद पूरे राज्य में फैली राजनीतिक दुश्मनी और हिंसा के माहौल को बढ़ावा देने में मददगार रहे. जयदीप सेन ने अपनी शिकायत में बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या का भी जिक्र किया, जो कुछ घंटे बाद बेलियाघाटा में हुई थी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

जयदीप सेन ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियों ने राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया. एक वरिष्ठ कोलकाता पुलिस अधिकारी ने कहा, “गड़ियाहाट पुलिस स्टेशन में शिकायत मिली है और एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

शिकायतकर्ता का दावा है कि इन पोस्ट्स पर भारतीय दंड संहिता की धारा 107 के तहत उकसावे का आरोप लगाया जा सकता है. हालांकि फिलहाल भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू है, लेकिन शिकायत में कहा गया है कि IPC की धाराएं लागू होंगी क्योंकि कथित घटना 2021 में हुई थी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

शिकायत में चुनाव बाद हिंसा के दौरान पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर कथित हमले, हत्या, आगजनी और मारपीट की कई घटनाओं का भी जिक्र किया गया है. पुलिस ने कहा है कि आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है. परमब्रत और स्वास्तिका ने अब तक एफआईआर पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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