Last Updated:March 11, 2026, 14:23 IST
आगरा शहर में यदि मुग़लकाल के समय के बाजारों की बात करें तो ऐसे कई प्रसिद्ध बाजार आज भी है. आगरा किले के अंदर शाही बाजार लगाया जाता था, जहाँ शाही लोग खरीदारी करते थे. कहा जाता है कि खुद मुग़ल बादशाह यहाँ बाजार में आया करते थे. आगरा किले के भीतर स्थित, यह एक विशिष्ट बाजार था जहाँ केवल मुगल बादशाह और शाही महिलाएं कीमती स्टोन, रेशम और इत्र की खरीदारी करती थीं.
आगरा किले के भीतर स्थित, यह एक विशिष्ट बाजार था. जहाँ केवल मुगल बादशाह और शाही महिलाएं कीमती स्टोन, रेशम और इत्र की खरीदारी करती थीं. हालांकि वर्तमान में आगरा किले का यह हिस्सा अब सुरक्षा कारणों ने आम पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है.
आगरा में मुग़लकाल से एक बाजार काफी प्रचलित है. ऐसे किनारी बाजार के नाम से जाना जाता है. कई वर्षो पूर्व यह शहर से दूसरे किनारे पर बना हुआ था जिस कारण इसका नाम किनारी बाजार पड़ा. वर्तमान में भी यह बाजार संचालित है. दरअसल यह आभूषण, संगमरमर के काम, और दुल्हन के कपड़ों के लिए प्रसिद्ध था और आज भी बेहद मशहूर बाजारों में गिना जाता है.
आगरा में मुग़लकाल में आभूषण के लिए एक खास बज़ार हुआ करता था. जिसे जोहरी बाजार के नाम से जाना जाता था.इस बाजार में सोने – चांदी और कीमती रत्नों की दुकान हुआ करती थी. वर्षो से चले आ रहे इस बाजार में आज भी सोना चांदी का कार्य किया जाता है. वर्तमान में यहाँ सेंकड़ो सुनार अपना व्यापार कर रहे है आज भी कई वर्षो प्राचीन दुकान यहाँ बनी हुई है हालांकि समय के साथ कई दुकानों के ढांचे में मरम्मत कार्य भी किया जा चूका है.
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आगरा में मुग़लसमय से एक गली काफी मशहूर रही है जिसे लोहार गली कहा जाता है. किनारी बाजार के पास स्थित, यह गली लोहे के सामान और पुराने समय में आयातित वस्तुओं के लिए जानी जाती थी. हालंकि वर्तमान में यहाँ अब कई कपड़ो की दुकाने भी खुल गई है. मुग़ल काल में यहाँ सिर्फ लोहा आदि ही मिला करता था. यह गाली इतनी पतली है कि वर्तमान में यहाँ हर वक़्त जाम जैसी स्थिति बनी रहती है.
आगरा में एक बाजार मुग़लों से भी प्राचीन बताया जाता है. जिसे नमक की मंडी कहा जाता है. यह क्षेत्र मसालों और नमक के व्यापार के लिए प्रमुख केंद्र था. बताया जाता है कि पूर्व में यहाँ नमक और मसालो का व्यापार किया जाया था जो पूर्व की भांति यूँही चला आ रहा है. आज भी यहाँ मसालों, नमक और परचून की पुरानी और कई ठोक की दुकाने बनी हुई है. दूर दूर से लोग आज भी यहाँ सामान लेने आते है.
आगरा का प्राचीन सुभाष बाजार काफी पुराना बाजार है. यह आगरा किले के पास स्थित है. यह बाजार रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध था. आज भी यहाँ कई तरह की कपड़ो की दुकान मौजूद है. सुभाष बाजार में शाम के वक़्त काफी रौनक रहती है. महिलाएं यहाँ खरीदारी करने के लिए आती है.
आगरा का दरीबा बाजार काफी पुराना बाजार है. बताया जाता है कि यह बाजार मुगलकाल से अबतक आभूषणों और कीमती पत्थरों की कलाकारी के लिए मशहूर है. यहाँ आज भी ऐसे ऐसे कीमती पत्थर मिलते है, जो शहर में अन्य जगह नहीं मिलते है. यहाँ के कलाकार अपनी कलाकारी से पत्थरों पर कलाकृति बनाते हैं.
आगरा का सदर बाजार अपने कई महत्वपूर्ण सामानो के लिए मशहूर है. यह बाजार ऐतिहासिक रूप से चमड़े के उत्पादों, हस्तशिल्प और पेठा के लिए जाना जाता था. आगरा के कई मशहूर पेठा व्यापारी यही से व्यापार करते है. यहाँ चमड़े से संबंधित कई ऐसे उत्पाद मिलते है जो लोगों को काफी पसंद आते है. खरीददारी के लिए यह बाजार काफी फेमश है.
First Published :
March 11, 2026, 14:23 IST










