गाजीपुर: नया साल शुरू हो चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ऐसी ऐतिहासिक जगह है, जहां जनवरी भर लोगों की आवाजाही बनी रहती है. यह स्थान है लार्ड कार्नवालिस का मकबरा, जो हरे-भरे बगीचे के बीच खड़ा होकर आज भी ब्रिटिश शासनकाल की कहानी बयान करता है. इस बार न्यू ईयर पर यहां सिर्फ़ सैलानी ही नहीं, बल्कि UPSC और इतिहास के छात्र भी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं.
नए साल में भी नहीं थमती भीड़
हर साल नए साल के मौके पर गाजीपुर के स्थानीय लोग लार्ड कार्नवालिस के मकबरे पर घूमने आते हैं. लेकिन इस बार जनवरी के दूसरे दिन के बाद भी यहां आने वालों की संख्या कम नहीं हुई. खास बात यह रही कि इस बार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र बड़ी संख्या में यहां नजर आए. छात्रों का कहना है कि यह जगह सिर्फ घूमने की नहीं, बल्कि इतिहास को समझने की एक जीवंत कक्षा है.
हरे-भरे गार्डन में खड़ा इतिहास का गवाह
चारों तरफ फैला हरा-भरा गार्डन, व्यवस्थित दूरी पर लगे पुराने पेड़, रंग-बिरंगे फूल और बीच में गोलाकार डिजाइन वाला यह मकबरा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यह स्मारक न सिर्फ देखने में सुंदर है, बल्कि ब्रिटिश काल की वास्तुकला और प्रशासनिक सोच को भी दर्शाता है. शांत माहौल और हरियाली इसे अध्ययन के लिए भी उपयुक्त बनाते हैं.
UPSC छात्रों के लिए ओपन क्लासरूम
UPSC की तैयारी कर रहे छात्र शायान बताते हैं कि इस मकबरे पर आकर किताबों में पढ़ा हुआ इतिहास ज़मीन पर उतरता हुआ महसूस होता है. उनके अनुसार, यहां आकर यह स्पष्ट हो जाता है कि गवर्नर जनरल और वायसराय में क्या अंतर था. साथ ही ब्रिटिश शासन किस तरह भारत में प्रशासन चलाता था, इसकी व्यावहारिक समझ भी बनती है. मकबरे की गोल संरचना और स्तंभ उस दौर की आर्किटेक्चर सोच को दर्शाते हैं, जो आज भी सिलेबस में प्रासंगिक है.
घूमने नहीं, समझने आ रहे हैं लोग
एक अन्य पर्यटक दिलीप तिवारी बताते हैं कि अब लोग यहां सिर्फ घूमने नहीं आते, बल्कि पढ़ने और समझने के उद्देश्य से पहुंचते हैं. कई लोग गेट पर लगे सूचना-पट्ट को ध्यान से पढ़ते दिखाई देते हैं. उनका मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों पर नाम लिखना या कचरा फैलाना हमारी विरासत को नुकसान पहुंचाने जैसा है, जिसे रोकना सभी की जिम्मेदारी है.
GEN-Z में भी बढ़ रही रुचि
यह भी खास है कि GEN-Z युवा वर्ग भी इस ऐतिहासिक स्थल में गहरी रुचि दिखा रहा है. युवा यहां फोटो लेने के साथ-साथ इतिहास पर चर्चा करते नजर आते हैं. सोशल मीडिया के दौर में भी इस तरह की जगहों से जुड़ाव यह दिखाता है कि नई पीढ़ी इतिहास को नए नजरिये से समझना चाहती है.
ब्रिटिश कालीन प्रशासन को समझने का केंद्र
आज जब UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्रिटिश भारत, गवर्नर जनरल, प्रशासनिक सुधार और कॉर्नवालिस सुधार जैसे विषय बार-बार पूछे जाते हैं, तब गाजीपुर का यह मकबरा सिर्फ एक स्मारक नहीं रह जाता. यह एक ओपन हिस्ट्री क्लासरूम बन चुका है, जहां छात्र बिना किताब खोले इतिहास को महसूस कर सकते हैं.
न्यू ईयर स्पॉट से स्थायी पहचान तक
इसी कारण जनवरी बीत जाने के बाद भी लार्ड कार्नवालिस का मकबरा सिर्फ न्यू ईयर पिकनिक स्पॉट नहीं रह गया है. यह अब UPSC और इतिहास में रुचि रखने वालों की स्थायी पसंद बन चुका है. गाजीपुर का यह ऐतिहासिक स्थल आने वाले समय में भी शिक्षा और पर्यटन का संगम बना रहेगा.











