शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश में रसोई गैस बांटने की व्यवस्था में हालिया बदलावों ने आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है. उपभोक्ताओं को बुकिंग में भारी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. गैस खत्म होने पर तत्काल बुकिंग न हो पाने और रिफिल के लिए तीन से चार दिन के वेटिंग पीरियड को लेकर उपभोक्ताओं में भारी रोष है. संकट के इस समय में कालाबाजारी और ओवर-रेटिंग की शिकायतें भी तेजी से बढ़ी हैं. बिना पहले सूचना और तैयारी के लागू हुए इन नियमों ने होम डिलीवरी की सुचारू व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.
जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने इस मामले को लेकर लोकल18 की टीम से बात की. उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है. केवल वितरण प्रणाली के सॉफ्टवेयर और नियमों में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि सिस्टम अपडेट होने की प्रक्रिया के कारण उपभोक्ताओं को थोड़ी असुविधा हो रही है, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी. उन्होंने अपील की है कि उपभोक्ता धैर्य रखें, क्योंकि घरेलू गैस की आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में व्यावसायिक सिलेंडरों की सामान्य आपूर्ति पर रोक लगाई गई है, केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही व्यावसायिक रिफिल उपलब्ध कराई जा रही है.
बुकिंग और डिलीवरी का संकट
नियमों में बदलाव के बाद सबसे बड़ी समस्या बुकिंग पोर्टल पर आ रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं तो सिस्टम एरर दिखाई देता है. अगर बुकिंग हो भी जाती है, तो गैस एजेंसियों द्वारा तीन से चार दिन का वेटिंग पीरियड दिया जा रहा है. जिन परिवारों के पास बैकअप सिलेंडर नहीं है, उन्हें चूल्हा जलने की चिंता सता रही है और वे गैस दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
ओवर-रेटिंग और कालाबाजारी की मार
सप्लाई चेन में आई इस सुस्ती का फायदा कुछ असामाजिक तत्व और डिलीवरी मैन उठा रहे हैं. कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूलने की कोशिश की जा रही है. कमी का डर दिखाकर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है. जिला प्रशासन ने हालांकि इस पर सख्ती की बात कही है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी के अभाव में आम आदमी की जेब ढीली हो रही है.
व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर पाबंदी
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से विभाग ने व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर फिलहाल कड़ा रुख अपनाया है. जिला आपूर्ति विभाग ने निर्देश दिए हैं कि व्यावसायिक श्रेणी के ग्राहकों को फिलहाल रिफिल नहीं दी जाएगी. इसका उद्देश्य घरेलू गैस की किल्लत को रोकना है. हालांकि, अस्पताल, होटल की इमरजेंसी और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी इकाइयों के लिए विशेष अनुमति के आधार पर रिफिलिंग की सुविधा जारी रखी गई है ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों.
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या केवल एक अस्थायी फेज है. सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि अगले कुछ दिनों में जैसे ही डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन का काम पूरा होगा, बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया पहले से भी अधिक तेज और सरल हो जाएगी.










