Last Updated:March 11, 2026, 18:24 IST
गाजीपुर के पीजी कॉलेज कैंपस में इन दिनों खिले रंग-बिरंगे पॉपी फूल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. कम देखभाल में उगने वाला यह फूल जनवरी से अप्रैल तक बगीचे को रंगीन बना देता है और परिसर की सुंदरता को और बढ़ा देता है.
गाजीपुर. गाजीपुर के पीजी कॉलेज के कैंपस में इन दिनों कई तरह के रंग-बिरंगे फूल परिसर की सुंदरता बढ़ा रहे हैं. इन्हीं में से एक है पॉपी फूल, जो अपने चमकीले रंग और नाजुक पंखुड़ियों के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. कॉलेज के माली शिववचन बताते हैं कि इस फूल को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती और यह कम मेहनत में भी अच्छी तरह खिल जाता है. माली शिव वचन के अनुसार पॉपी के पौधे को ज्यादा खाद या खास देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती. इसे बस सामान्य मिट्टी और थोड़े पानी की जरूरत होती है, वह बताते हैं कि बरसात के मौसम में इसका बीज जमीन पर गिर जाता है और ठंड शुरू होने के साथ ही पौधे अपने आप उगने लगते हैं. जनवरी के आसपास इसमें फूल आना शुरू हो जाते हैं और अप्रैल तक यह पूरे बगीचे को रंगीन बना देता है.
कैसा होता है पॉपी फूल
पॉपी का पौधा वैज्ञानिक रूप से Papaver प्रजाति का माना जाता है, इसकी पंखुड़ियां बहुत पतली और मुलायम होती हैं, जो हवा चलने पर हल्के-हल्के हिलती रहती हैं. यह फूल लाल, नारंगी, गुलाबी और सफेद रंगों में भी देखा जाता है, इसकी ऊंचाई सामान्यतः 30 से 90 सेंटीमीटर तक होती है.
खेती और उपयोग
पॉपी के पौधे को हल्की और अच्छी जलनिकास वाली मिट्टी पसंद होती है, इसके बीज बहुत छोटे होते हैं और सीधे मिट्टी में बो दिए जाते हैं. खास बात यह है कि एक बार बीज गिरने के बाद यह पौधा कई बार अपने आप उग आता है. कुछ किस्मों के पॉपी पौधों से पोस्ता (poppy seeds) भी प्राप्त होते हैं, जिन्हें खाने में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि बगीचों में लगाए जाने वाले पॉपी पौधे अधिकतर सजावटी होते हैं.
कैंपस की सुंदरता बढ़ाता फूल
कॉलेज के बगीचे में खिले पॉपी फूल छात्रों और शिक्षकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. शिवकचन बताते हैं कि जब जनवरी से अप्रैल तक ये फूल खिलते हैं, तो पूरा परिसर रंग-बिरंगा और जीवंत दिखाई देता है. कम देखभाल में भी खिलने वाला यह फूल न केवल बगीचे की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि प्रकृति की सादगी और रंगों का सुंदर उदाहरण भी पेश करता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
Location :
Ghazipur,Uttar Pradesh
First Published :
March 11, 2026, 18:24 IST










