CM अभ्युदय योजना में घोटाला: 69 में से 48 कोर्स कोऑर्डिनेटर अयोग्य, FIR दर्ज

Last Updated:January 01, 2026, 11:46 IST

CM Abhyudaya Yojna Scam: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महत्वाकांक्षी अभ्युदय योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. कोर्ट कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति में धांधली की पुष्टि होने के बाद मंत्री असीम अरुण के निर्देश पर लखनऊ के गोमतीनगर थाने में FIR दर्ज की गई है. 69 कोर्स कोऑर्डिनेटर में से 48 अयोग्य पाए गए हैं.

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Lucknow News: CM अभ्युदय योजना में बड़ी गड़बड़ी लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सीएम अभ्युदय में कोर्स कोऑर्डिनेटरों की भर्ती को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. इस धांधली की शिकायत पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निर्देश पर हुई जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई. जिसके बाद लखनऊ के गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है.

सीएम अभ्युदय योजना के तहत राज्य के युवाओं को आईएएस, पीसीएस, यूपीएसएसएससी, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है. इस योजना के संचालन के लिए विभिन्न केंद्रों पर कोर्स कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए जाते हैं, जो एक साल के लिए अनुबंध पर काम करते हैं. प्रत्येक कोर्स कोऑर्डिनेटर को प्रतिमाह 60 हजार रुपये का मानदेय दिया जाता है. भर्ती के लिए निर्धारित योग्यता में सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि उम्मीदवार ने यूपी पीसीएस की मुख्य परीक्षा पास की हो. इसके अलावा, उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव का भी मूल्यांकन किया जाना चाहिए.

जांच में चौंकाने वाले खुलासे

समाज कल्याण विभाग की जांच टीम ने पाया कि कुल 69 नियुक्त कोर्स कोऑर्डिनेटरों में से मात्र 21 ही निर्धारित योग्यता के अनुरूप पाए गए. शेष 48 कोर्स कोऑर्डिनेटर पूरी तरह अयोग्य थे. इनमें से केवल 6 ही यूपी पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा पास कर पाए थे, जबकि मुख्य परीक्षा पास करने वाला एक भी नहीं था. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अयोग्य उम्मीदवारों को अफसरों और आउटसोर्सिंग कंपनी की मिलीभगत से भर्ती किया गया. इस मामले में आउटसोर्सिंग एजेंसी अवनि परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड और संबंधित कोर्स कोऑर्डिनेटरों के खिलाफ गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है.

योजना पर उठे सवाल

सीएम अभ्युदय योजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीब और मेधावी छात्रों के लिए एक क्रांतिकारी कदम के रूप में शुरू किया था, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित नौकरियों की तैयारी कर सकें. लेकिन अब इस योजना की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं. अयोग्य कोऑर्डिनेटरों द्वारा दी जाने वाली कोचिंग से छात्रों की तैयारी पर क्या असर पड़ेगा, यह बड़ा सवाल है.

जांच में जुटी पुलिस

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब जांच में जुटी है. समाज कल्याण विभाग ने भी आंतरिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. अयोग्य पाए गए 48 कोर्स कोऑर्डिनेटरों के अनुबंध निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की संभावना जताई जा रही है. यह मामला न केवल योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, बल्कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले हजारों युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है. विभाग के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

Location :

Lucknow,Uttar Pradesh

First Published :

January 01, 2026, 11:46 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

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