सेहत भी सुरक्षित, आमदनी भी जबरदस्त! जानें किसान जगन्नाथ मौर्य की सफलता की कहानी

Last Updated:January 01, 2026, 11:47 IST

Organic Farming Tips : बहराइच के किसान जगन्नाथ मौर्य जैविक विधि से मिर्च की खेती कर कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. गौमूत्र और गोबर से तैयार खाद-कीटनाशकों के उपयोग से उनकी फसल पूरी तरह रसायन-मुक्त है, जिससे न सिर्फ आमदनी बढ़ी है बल्कि उनका स्वास्थ्य भी पूरी तरह सुरक्षित बना हुआ है.

बहराइच : जिले के कौवा खोडरी गांव के वरिष्ठ किसान जगन्नाथ प्रसाद मौर्य पिछले कई वर्षों से मिर्च की खेती कर रहे हैं. उनकी खेती की खासियत यह है कि वह पूरी तरह जैविक विधि अपनाते हैं, जिसमें लागत बेहद कम और मुनाफा अपेक्षाकृत अधिक होता है. इस खेती में गौमूत्र और गोबर से तैयार जैविक खाद व कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है, जिससे रासायनिक खाद और दवाओं की आवश्यकता नहीं पड़ती.

किसान जगन्नाथ प्रसाद मौर्य ने बताया कि जैविक विधि से मिर्च की खेती न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित है. उन्होंने बताया कि एक बीघा मिर्च की खेती में कुल लागत मात्र 1000 से 1500 रुपये तक आती है. चूंकि इसमें रासायनिक खाद या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता, इसलिए खर्च बहुत कम रहता है. बाजार में मिर्च के जो भी भाव होते हैं, उनमें से दो से ढाई हजार रुपये की लागत निकालने के बाद शेष राशि सीधा मुनाफा होती है.

ऐसे करें मिर्च की खेती
जैविक तरीके से मिर्च की खेती करने के लिए सबसे पहले देसी बीज की आवश्यकता होती है, जिसे किसी अनुभवी किसान या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त किया जा सकता है. बीजों की बुवाई क्यारी में की जाती है. लगभग 15 दिनों में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं. इसके बाद खेत में पहले से गोबर की खाद डालकर लाइन से लाइन में पौधों की रोपाई की जाती है. रोपाई के एक से डेढ़ महीने के भीतर पौधों में फल आना शुरू हो जाता है. इस दौरान फसल को रोगों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशक नीमास्त्र का प्रयोग किया जाता है.

जैविक आहार से बेहतर हुआ स्वास्थ्य
67 वर्षीय किसान जगन्नाथ प्रसाद मौर्य का कहना है कि जैविक खेती और जैविक आहार का सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ा है. उन्होंने बताया कि वह गेहूं, धान, साग-सब्जी समेत सभी फसलें जैविक विधि से उगाते हैं और स्वयं भी वही आहार ग्रहण करते हैं.शायद यही कारण है कि उन्हें न तो शुगर की समस्या है और न ही बीपी की. जैविक उत्पादों में किसी तरह का केमिकल नहीं होता, जिससे स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचता.

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mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

Location :

Bahraich,Bahraich,Uttar Pradesh

First Published :

January 01, 2026, 11:47 IST

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dainikupeditor@gmail.com

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