कम लागत, तगड़ा मुनाफा! किसान भाई सूरजमुखी की खेती से करें 3 गुना तक कमाई, एक्सपर्ट से जानिए पूरा फॉर्मूला

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कम लागत, तगड़ा मुनाफा! किसान भाई सूरजमुखी की खेती से करें 3 गुना तक कमाई

Last Updated:January 01, 2026, 14:11 IST

Sunflower Farming Benefits: मुरादाबाद के किसान सूरजमुखी की खेती करके कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह फसल जायद और रबी दोनों मौसमों में उगाई जा सकती है और 90 से 105 दिनों में तैयार हो जाती है. सही बुवाई और समय पर सिंचाई से प्रति हेक्टेयर 25 से 30 कुंटल तक बीज मिल सकते हैं. बाजार में लगातार मांग और हाइब्रिड किस्मों के चलते सूरजमुखी की खेती किसानों के लिए तीन गुना मुनाफे का जरिया बन रही

मुरादाबाद: आज के समय में किसान ऐसी फसलों की तलाश में रहते हैं, जिनमें लागत कम हो और मुनाफा ज्यादा मिले. इसी कड़ी में मुरादाबाद जिले के किसानों के लिए सूरजमुखी की खेती एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है. लगातार बढ़ती बाजार मांग, कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को अच्छी आमदनी देने की पूरी क्षमता रखती है. खास बात यह है कि सूरजमुखी की खेती जायद यानी गर्मी के मौसम के साथ-साथ रबी सीजन में भी आसानी से की जा सकती है.

सूरजमुखी की खेती से फायदा
सूरजमुखी की खेती की सबसे बड़ी खासियत इसकी लगातार बनी रहने वाली बाजार मांग है. तेल उद्योग में सूरजमुखी के बीजों की मांग हमेशा रहती है, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी नहीं होती. इसके अलावा इस खेती में लागत भी अपेक्षाकृत कम आती है. मधुमक्खी पालन जैसे अतिरिक्त कार्य जोड़कर किसान अपनी आय को और बढ़ा सकते हैं. हाइब्रिड किस्मों का उपयोग करने पर मुनाफा तीन गुना तक बढ़ सकता है.

बुवाई के समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता के अनुसार, सूरजमुखी की खेती में सही बुवाई बहुत जरूरी है. बुवाई करते समय लाइन से लाइन की दूरी चार से पांच सेंटीमीटर रखनी चाहिए, जबकि पौधे से पौधे की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर होनी चाहिए. इसी संतुलन के साथ बुवाई करने से पौधों का विकास बेहतर होता है और उत्पादन भी अच्छा मिलता है.

बीज उत्पादन के लिए होती है खास पहचान
डॉ. दीपक बताते हैं कि अधिकतर किसान सूरजमुखी की खेती बीज उत्पादन के लिए करते हैं. जब बीज आने लगता है, तो फूल का सिर थोड़ा झुक जाता है. इससे चिड़ियां बीज नहीं खा पातीं और फसल सुरक्षित रहती है. सूरजमुखी की फसल 90 से 105 दिनों के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाती है, यानी करीब तीन से साढ़े तीन महीने में किसान को फसल मिल जाती है.

प्रति हेक्टेयर मिलती है शानदार पैदावार
अगर किसान सभी तकनीकी बातों का सही तरीके से पालन करें, तो सूरजमुखी की खेती से प्रति हेक्टेयर 25 से 30 कुंटल तक बीज प्राप्त किए जा सकते हैं. इतनी पैदावार के साथ बाजार में अच्छी कीमत मिलने पर किसान को कम समय में ही अच्छा मुनाफा हो जाता है. यही वजह है कि सूरजमुखी की खेती किसानों के लिए तेजी से एक लाभकारी विकल्प बनती जा रही है.

बाजार में बनी हुई है जबरदस्त मांग
मार्केट की बात करें तो सूरजमुखी के बीजों की मांग लगातार बनी हुई है. तेल उद्योग और अन्य उपयोगों के कारण इसकी खरीद अच्छी कीमत पर होती है. यही कारण है कि किसान सूरजमुखी की खेती को सुरक्षित और फायदे का सौदा मान रहे हैं. आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

Location :

Moradabad,Uttar Pradesh

First Published :

January 01, 2026, 14:11 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

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