Last Updated:January 02, 2026, 15:00 IST
Agriculture tips: आज खेती करना पहले जैसा आसान नहीं रहा खर्च बढ़ रहा है और मौसम भी कभी साथ नही देता तो कभी बाजार का भाव धोखा दे देता है. ऐसे में सवाल यही है कि कम जमीन से ज्यादा कमाई कैसे हो. अगर खेती इन खास स्मार्ट तरीकों से की जाए तो हालात चाहे जैसे हों मुनाफा बना रहता है यही वजह है कि अब कई किसान जोखिम कम करके लगातार कमाई कर पा रहे हैं.
आज के दौर में किसान सिर्फ एक फसल पर निर्भर नहीं रहना चाहते मल्टी क्रॉपिंग सिस्टम में एक ही खेत में फूल, सब्जी और अनाज उगाए जाते हैं इससे किसान को अलग-अलग समय पर आमदनी मिलती रहती है अगर मौसम या दाम किसी एक फसल के खराब हो जाएं तो बाकी दो फसलें सहारा बन जाती हैं यही वजह है कि यह तरीका तेजी से पसंद किया जा रहा है.
सब्जियों की खेती किसान को जल्दी पैसा देती है लोकी, भिंडी, टमाटर, बैंगन और तोरई जैसी सब्जियां हफ्ते के हफ्ते तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं इससे किसान को बाजार से रोजाना या साप्ताहिक कमाई मिलती रहती है इसी पैसे से घर का खर्च, मजदूरी और खेती की छोटी जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं.
अनाज की फसल खेती की रीढ़ मानी जाती है गेहूं, धान, ज्वार या बाजरा जैसी फसलें साल में एक बार तैयार होती हैं लेकिन इनसे मिलने वाली आमदनी पक्की होती है घर का राशन भी पूरा होता है और मंडी में बेचकर अच्छी रकम भी मिलती है इसलिए मल्टी क्रॉपिंग में अनाज को जरूर शामिल किया जाता है.
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अगर सही तरीके से योजना बनाई जाए तो तीनों फसलें एक ही खेत में आसानी से उग सकती हैं मेड़ पर फूल, बीच-बीच में सब्जियां और बड़े हिस्से में अनाज बोया जाता है इससे जमीन का पूरा इस्तेमाल होता है और खाली जगह नहीं बचती यही स्मार्ट खेती का असली तरीका माना जा रहा है.
मल्टी क्रॉपिंग से सिर्फ कमाई नहीं खर्च भी कम होता है ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई से सभी फसलों को जरूरत के मुताबिक पानी मिल जाता है एक फसल जो पोषक तत्व मिट्टी से लेती है दूसरी उसे वापस भी करती है इससे मिट्टी की ताकत बनी रहती है और खाद पर खर्च कम हो जाता है.
आजकल मौसम कब बदल जाए कहना मुश्किल है लेकिन जब खेत में अलग-अलग फसलें होती हैं तो नुकसान का खतरा कम हो जाता है अगर बारिश से अनाज खराब हुआ तो सब्जियां बचा लेती हैं फूलों का बाजार सालभर चलता रहता है यानी किसान की पूरी कमाई एक झटके में खत्म नहीं होती है.
यह खेती सिर्फ बड़े किसानों के लिए नहीं है छोटे किसान भी इसे आसानी से अपना सकते हैं कम जमीन में ज्यादा फसल लेकर वे अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं धीरे-धीरे अनुभव बढ़ने पर किसान खुद समझ जाता है कि किस मौसम में कौन-सी फसल ज्यादा फायदा देगी यही वजह है कि मल्टी क्रॉपिंग को भविष्य की खेती कहा जा रहा है.
First Published :
January 02, 2026, 15:00 IST
जाने खेती का मल्टी क्राफ्टिंग का तरीका, एक ही खेत में फूल-सब्जी-अनाज उगाएं











