Last Updated:January 02, 2026, 16:03 IST
Animal Husbandry Tips : एजोला एक ऐसा पौष्टिक चारा है जो पानी की सतह पर तेजी से बढ़ता है और कम लागत में पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाला फीड उपलब्ध कराता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जिससे गाय-भैंसों का दूध उत्पादन तेजी से बढ़ता है. यही नहीं, एजोला मछलियों और मुर्गियों के लिए भी बेहद उपयोगी सप्लीमेंट है.
शाहजहांपुर : पशुपालकों के लिए ‘एजोला’ नाम का जलीय पौधा दूध उत्पादन बढ़ाने का सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है. अक्सर किसान पशुओं को हरा चारा और महंगा फीड खिलाते हैं, लेकिन तालाबों और झीलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला यह छोटा सा पौधा दुधारू पशुओं की उत्पादकता में भारी इजाफा कर सकता है. एजोला न केवल गाय-भैंसों के लिए फायदेमंद है, बल्कि मुर्गियों और मछलियों के लिए भी एक संपूर्ण आहार है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी अत्यंत कम उत्पादन लागत है, जिससे किसानों की निर्भरता बाजार के महंगे सप्लीमेंट्स पर कम हो जाती है. यदि इसे भूसे या बरसीम के साथ मिलाकर नियमित खिलाया जाए, तो पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की गुणवत्ता में आश्चर्यजनक सुधार देखने को मिलता है.
कृषि एक्सपर्ट डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि एजोला प्रोटीन, बोरॉन, आयरन और फाइबर जैसे आवश्यक सूक्ष्म तत्वों का खजाना है. इसे प्रतिदिन पशुओं को खिलाने से मात्र 10 से 15 दिनों में दूध उत्पादन बढ़ जाता है. मुर्गियों को इसे देने से उनके अंडों की गुणवत्ता बेहतर होती है और मछलियों का वजन तेजी से बढ़ता है. पहले यह केवल दक्षिण भारत में लोकप्रिय था, लेकिन अब उत्तर भारत के किसान भी इसके गुणों को पहचान रहे हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे उगाने के लिए किसी विशेष तकनीक की आवश्यकता नहीं है, किसान इसे खुद भी न्यूनतम खर्च और बेहद सरल विधि से खुद तैयार कर सकते हैं.
एजोला उगाने की पूरी विधि
एजोला उत्पादन की प्रक्रिया अत्यंत सरल है जिसे कोई भी किसान अपना सकता है. इसके लिए सबसे पहले एक मीटर चौड़ी और तीन मीटर लंबी कंक्रीट की क्यारी तैयार करें, जिसकी गहराई लगभग एक फिट होनी चाहिए. क्यारी के आधार पर थोड़ी साफ मिट्टी की परत बिछाएं और फिर उसे पानी से भर दें. इस पानी में लगभग 200 से 400 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट रासायनिक खाद मिलाएं. यह मिश्रण एजोला के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है. एक बार सेटअप तैयार होने के बाद, इसमें एजोला का थोड़ा सा कल्चर डाल देने पर यह स्वतः तेजी से फैलने लगता है.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें
Location :
Shahjahanpur,Uttar Pradesh
First Published :
January 02, 2026, 16:03 IST
पानी वाला ये हरा चारा! झटपट बढ़ा देगा गाय-भैंसों का दूध, मुर्गी-मछली के लिए …











