Last Updated:January 02, 2026, 16:48 IST
Chitrakut news: इस वृक्ष को ‘पुत्र दायनी वृक्ष’ कहा जाता है. यह वृक्ष लगभग 500 साल पुराना है और आज भी हरा-भरा रहता है. यहां दूर-दूर से लोग आते हैं. जहां वे विशेष रूप से संतान सुख की कामना करते हैं. मान्यता है कि इस वृक्ष की पूजा से सूनी गोद में किलकारियां गूंजने लगती हैं. यहां पर हर साल अमावस्या के समय विशेष मेले का आयोजन किया जाता है.
आज के दौर में लोग संतान पाने के लिए लाखों रूपये तक खर्च करने को तैयार रहते है.लेकिन उसके बाद भी उनको संतान की प्राप्ति नहीं हो पाती है.लेकिन चित्रकूट में एक पेड़ है जो महिलाओं को संतान की प्राप्ति करवाता है.वो भी बिना पैसा खर्च किए.
बता दे कि चित्रकूट के कांच मंदिर के समीप एक वृक्ष है.इसको लोग ‘पुत्र दायनी वृक्ष के नाम से जानते है. यह वृक्ष आज से लगभग 500 साल पुराना है और आज भी हरा-भरा रहता है. यहां दूर-दूर से लोग आते हैं. जहां वे विशेष रूप से संतान सुख की कामना करते हैं.
मान्यता है कि इस वृक्ष की पूजा से सूनी गोद में किलकारियां गूंजने लगती हैं. यहां पर हर साल अमावस्या के समय विशेष मेले का आयोजन किया जाता है. इन अवसरों पर संतान की इच्छा रखने वाली महिलाएं इस वृक्ष की पूजा करती हैं.
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पेड़ के पुजारी राघवेंद्र पांडे के अनुसार पुत्र दायनी वृक्ष का इतिहास भी अत्यंत दिलचस्प है. यह वृक्ष वैष्णो संप्रदाय से जुड़ा हुआ है. इसे लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास स्थित प्रमोद वन में ‘पुत्र जीवन कल्प वृक्ष’ के रूप में जाना जाता है.जिसको एक राजा ने लगाया था.
रीवा के राजा विश्वनाथ प्रताप को संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही थी. तब राजा ने अपने दुर्भाग्य को दूर करने के लिए बद्री नारायण से सोने की पालकी में अखंड कीर्तन करते हुए इस वृक्ष को चित्रकूट लाया और मंदाकिनी नदी के किनारे इसकी स्थापना की. इसके बाद राजा के घर संतान की प्राप्ति हुई थी.
इस वृक्ष को लेकर श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां पूजा करने से कोई भी महिला जिसे संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही है. वह एक से डेढ़ साल के अंदर आशीर्वाद से संतान की प्राप्ति कर लेती है.इस लिए आज भी कई महिलाएं इसकी पूजा अर्चना करती है.
बता दे कि यह मंदिर चित्रकूट रेलवे स्टेशन से करीब 10 किलोमीटर दूर है.यह वृष की रखवाली वहां मौजूद पुजारी करते हैं. सबसे खास बातें है कि इस वृक्ष के साथ-साथ राजा ने इसी के आसपास लगभग कई कोठिया भी बनवाई थी.जो आज भी मौजूद है.
जानकारी के लिए बता दे कि आज की इस आधुनिक दौर में भी. यह पेड़ चित्रकूट में चर्चा का विषय है. जहां संतान की प्राप्ति के लिए लोग बड़े-बड़े अस्पताल में जाते हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस वृक्ष की पूजा अर्चना करने से संतान की प्राप्ति कर रहे हैं.
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January 02, 2026, 16:48 IST
500 साल पुराने वृक्ष की पूजा से रीवा के राजा को हुई थी संतान प्राप्ति











