ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में नववर्ष के स्वागत में इस बार नोएडा और गौतमबुद्ध नगर जिले में जश्न पूरे शबाब पर नजर आया. 30 और 31 दिसंबर को लोगों ने जमकर नए साल की पार्टियां कीं, जिसका सीधा असर शराब बिक्री पर देखने को मिला. आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों में जिले में करीब 35 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई, जिससे सरकारी खजाने में बड़ा इजाफा हुआ है.
आबकारी विभाग ने बताया कि नए साल के मौके पर शराब की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा रही. जिलेभर की शराब दुकानों, बार, पब और होटलों में दिन से लेकर देर रात तक लोगों की भीड़ उमड़ी रही. इस दौरान चार लाख लीटर से अधिक शराब की बिक्री दर्ज की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आंकड़ा पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा है. उन्होंने कहा कि आम दिनों में गौतमबुद्ध नगर में शराब की बिक्री औसतन 7 से 8 करोड़ रुपये प्रतिदिन होती है, जबकि वीकेंड पर यह आंकड़ा 10 से 12 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, लेकिन नए साल के जश्न के दौरान मात्र दो दिनों में ही 35 करोड़ रुपये की शराब बिक गई, जिससे पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए.
सुबोध कुमार ने बताया कि सबसे खास बात यह रही कि पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक शराब बिक्री गौतमबुद्ध नगर जिले में दर्ज की गई. इससे साफ है कि नए साल के जश्न में नोएडा और आसपास के इलाकों के लोगों ने जमकर खरीदारी की. इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री से राज्य सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिसे आबकारी विभाग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है.
आर्थिक रूप से भी फायदेमंद
नववर्ष को देखते हुए आबकारी विभाग ने पहले से ही विशेष रणनीति तैयार की थी. विभाग की टीमों ने लगातार निगरानी रखी, ताकि शराब की बिक्री नियमों के तहत ही हो और किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो. अधिकारियों का कहना है कि विभागीय सतर्कता के चलते राजस्व संग्रह सुचारु रूप से हुआ. कुल मिलाकर, नए साल की पार्टी गौतमबुद्ध नगर के लिए उत्सव के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हुई. जहां एक ओर लोगों ने नए साल का स्वागत खुशी और उल्लास के साथ किया, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के लिए यह समय रिकॉर्ड तोड़ कमाई और सरकारी खजाने को मजबूत करने वाला साबित हुआ.











