गोंडा: यूपी के गोंडा जिले की रहने वाली किरण मिश्रा आज महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बन चुकी हैं. घरेलू जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने अपने हुनर को पहचान दी और अचार बनाने के काम को व्यवसाय का रूप दिया. आज उनका बनाया हरी मिर्च का अचार न सिर्फ स्थानीय बाजार में, बल्कि आसपास के इलाकों में भी लोकप्रिय हो रहा है.
लोकल 18 से बातचीत में किरण मिश्रा बताती हैं कि वह अचार पूरी तरह पारंपरिक तरीके से बनाती हैं. इसमें सरसों का तेल, सौंफ, मेथी, राई, हल्दी और अन्य घरेलू मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. खास बात यह है कि अचार में किसी भी तरह के केमिकल या प्रिजर्वेटिव का प्रयोग नहीं किया जाता. यही वजह है कि लोग इसके स्वाद और शुद्धता पर भरोसा करते हैं.
साफ-सुथरी प्रक्रिया से तैयार होता है अचार
किरण मिश्रा बताती हैं कि अचार बनाने की पूरी प्रक्रिया स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर की जाती है. सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता की हरी मिर्च ली जाती है. इसके बाद मिर्च को अच्छी तरह साफ कर धूप में सुखाया जाता है. फिर घरेलू मसालों को तैयार कर मिर्च में मिलाया जाता है और सरसों के तेल में अचार डाला जाता है. कुछ दिनों में अचार पूरी तरह तैयार होकर खाने लायक हो जाता है.
छोटी शुरुआत से बना आज कमाई का जरिया
किरण मिश्रा बताती हैं कि उन्होंने शुरुआत में बहुत कम मात्रा में अचार बनाकर बेचना शुरू किया था. धीरे-धीरे लोगों को स्वाद पसंद आया और ऑर्डर बढ़ने लगे. अब वह हर महीने कई किलो हरी मिर्च का अचार तैयार करती हैं. इससे उन्हें हर महीने अच्छी आमदनी हो जाती है, जिससे वह परिवार का खर्च आसानी से चला पा रही हैं.
त्योहारों में बढ़ जाती है मांग और कमाई
त्योहारों के समय अचार की मांग और ज्यादा बढ़ जाती है. लोग घर के देसी स्वाद को प्राथमिकता देते हैं, जिससे किरण मिश्रा को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलता है. इस दौरान वह ज्यादा मात्रा में अचार तैयार करती हैं और ऑर्डर समय पर पूरा करती हैं.
आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
किरण मिश्रा का कहना है कि इस काम से न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है. अब वह अपने फैसले खुद ले पा रही हैं और परिवार में उनका सम्मान भी पहले से ज्यादा बढ़ गया है. उनका मानना है कि महिलाएं चाहें तो घर बैठे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं.
अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
गोंडा की किरण मिश्रा जैसी महिलाएं आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं. उनका यह प्रयास दिखाता है कि पारंपरिक घरेलू हुनर को अगर सही दिशा और मेहनत मिले, तो वह कमाई का मजबूत जरिया बन सकता है. घर का स्वाद अब सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के सपनों को पूरा करने का माध्यम भी बन रहा है.











