अब सरकारी अस्पताल भी होंगे हाई-टेक, GIMS में शुरू हुआ देश का पहला AI क्लिनिक, जानें कैसे होगा इलाज

ग्रेटर नोएडा: देश के सरकारी अस्पतालों को हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक शुरुआत हुई है. गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज GIMS ग्रेटर नोएडा में भारत के पहले सरकारी अस्पताल आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है. यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के हेल्थकेयर सिस्टम के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है.

AI क्लिनिक का शुभारंभ. तकनीक और इलाज का संगम
इस AI क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं ADGHS द्वारा किया गया. यह क्लिनिक GIMS के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन CMI के अंतर्गत स्थापित किया गया है. इसके माध्यम से सरकारी अस्पताल में AI आधारित स्वास्थ्य समाधान सीधे मरीजों और डॉक्टरों के बीच काम करेंगे.

सरकारी अस्पतालों में तकनीकी बदलाव की शुरुआत
यह AI क्लिनिक उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर सेंटर के जरिए शुरू किया गया है. इसके साथ ही GIMS देश का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है जहां AI स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल वातावरण मिलेगा. इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी बदलाव को नई गति मिलेगी.

AI स्टार्टअप्स और डॉक्टरों के बीच सेतु
GIMS के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह पहल स्टार्टअप्स और चिकित्सकों के बीच सेतु का काम करेगी. AI आधारित नवाचारों का सीधा लाभ मरीजों तक पहुंचेगा. इससे सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और सटीकता दोनों में सुधार होगा.

बिजनेस और हेल्थ स्टार्टअप्स के लिए बड़ा अवसर
AI क्लिनिक हेल्थकेयर सेक्टर में काम कर रहे स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत बिजनेस प्लेटफॉर्म बनकर उभरेगा. यहां स्टार्टअप्स अपने AI समाधान विकसित कर सकेंगे, उनका परीक्षण कर पाएंगे और क्लिनिकल प्रमाणन भी हासिल करेंगे. इससे हेल्थ टेक इंडस्ट्री को नई दिशा मिलेगी.

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से मेडिकल डिवाइसेज़ और AI आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद है. कार्यक्रम में मौजूद औषधि विभाग मेडिकल डिवाइसेज़ के संयुक्त सचिव ने कहा कि यह मंच राष्ट्रीय स्तर पर इनोवेशन और व्यापार को मजबूती देगा.

वैश्विक सहभागिता. अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर कदम
ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम में देश विदेश से 100 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया. इसमें डॉक्टर, शोधकर्ता, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल रहे. लंदन के एसेक्स NHS ट्रस्ट से जुड़े डॉ. शिवकुमार मणिकम सहित कई अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं की मौजूदगी ने आयोजन को वैश्विक पहचान दी.

शिक्षा और रिसर्च के नए द्वार
IIT कानपुर, IIT मद्रास और IIIT लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि AI क्लिनिक शिक्षा और शोध के लिए भी बड़ा केंद्र बनेगा. मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और डेटा आधारित हेल्थ सेवाओं पर यहां गहन कार्य होगा.

मरीजों और समाज पर सकारात्मक असर
AI आधारित तकनीक से मरीजों की सेफ्टी बढ़ेगी, इलाज में समय की बचत होगी और निर्णय अधिक सटीक होंगे. इससे आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

6 जनवरी को होगा फिजिकल लॉन्च
ऑनलाइन उद्घाटन के बाद 6 जनवरी को AI क्लिनिक का फिजिकल लॉन्च प्रस्तावित है. इसे लेकर स्टार्टअप्स और चिकित्सकों में खासा उत्साह है. आने वाले समय में यह क्लिनिक देश के अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए भी मॉडल बनेगा.

Source

dainikupeditor@gmail.com

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