कानपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी कानपुर ने एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है. आईआईटी पटना में आयोजित इंटर आईआईटी टेक मीट 14.0 में आईआईटी कानपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल मिलाकर दूसरा स्थान हासिल किया है. खास बात यह है कि करीब छह वर्षों के बाद संस्थान के खाते में रजत पदक आया है, जिससे पूरे कैंपस में खुशी और गर्व का माहौल है. यह प्रतियोगिता देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों के बीच तकनीक, नवाचार और समस्या-समाधान की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है. आईआईटी कानपुर की ओर से इस टेक मीट में साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल, स्टूडेंट्स जिमखाना की टीम ने भाग लिया और अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया.
कठिन समस्याओं में दिखी तकनीकी समझ
पूरे टेक मीट के दौरान छात्रों को देश-विदेश की नामी कंपनियों और संस्थानों द्वारा दिए गए जटिल समस्या वक्तव्यों पर काम करना पड़ा. इन चुनौतियों में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मक सोच और टीमवर्क की भी कड़ी परीक्षा होती है. आईआईटी कानपुर के छात्रों ने इन सभी कसौटियों पर खुद को साबित किया.उन्होंने नई सोच, व्यावहारिक समाधान और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से समस्याओं को हल किया, जिससे जजों और आयोजकों पर गहरी छाप पड़ी.
आईआईटी कानपुर की टीमों ने अलग-अलग समस्या वक्तव्यों में बेहतरीन प्रदर्शन किया. Eternal और StemVibe से जुड़े समस्या वक्तव्यों में टीमों ने पहला स्थान हासिल किया. वहीं ISRO Geospatial समस्या वक्तव्य में दूसरा स्थान मिला. इसके अलावा Ebullient Securities, Arista Networks, LAT Aerospace और GDAI जैसे इवेंट्स में आईआईटी कानपुर की टीमों ने तीसरा स्थान प्राप्त कर संस्थान की कुल रैंकिंग को मजबूत किया. इन सभी उपलब्धियों ने मिलकर आईआईटी कानपुर को ओवरऑल दूसरे स्थान तक पहुंचाया.
नेतृत्व और टीमवर्क की जीत
इस बड़ी सफलता के पीछे मजबूत नेतृत्व और टीम भावना की अहम भूमिका रही.साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के महासचिव तनुश गोयल के मार्गदर्शन में पूरी टीम ने एकजुट होकर काम किया. कॉन्टिंजेंट लीडर त्रिजल श्रीवास्तव और उप कॉन्टिंजेंट लीडर्स रचित चौधरी व मयंक अग्रवाल ने टीम को सही दिशा दी और हर चुनौती में छात्रों का हौसला बढ़ाया. संस्थान ने साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के सभी छात्रों, पूर्व छात्रों, डिजाइन विभाग, विद्युत और एयरोस्पेस अभियांत्रिकी विभाग के साथ-साथ सभी संकाय सदस्यों का आभार जताया है, जिनके सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो सकी.
टॉप संस्थानों में बनाई जगह
समग्र रैंकिंग में IIT Kharagpur ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि आईआईटी कानपुर 2951.93 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा IIT Indore, IIT BHU और IIT Madras भी शीर्ष पांच में शामिल रहे.इंटर आईआईटी टेक मीट 14.0 में आईआईटी कानपुर की यह सफलता बताती है कि संस्थान उद्योग और शोध आधारित समस्याओं में लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है.यह उपलब्धि आने वाले वर्षों के लिए छात्रों को और बेहतर करने की प्रेरणा देगी और आईआईटी कानपुर की तकनीकी पहचान को और मजबूत बनाएगी.











