Last Updated:November 09, 2025, 10:36 IST
Sugarcane Farming Tips : ठंड के मौसम में गन्ने की फसल पर नमी, पानी और फफूंद का घातक असर देखने को मिलता है. खेतों में लंबे समय तक पानी रुकने और मिट्टी में नमी बढ़ जाने से झुलसा रोग तेजी से फैलता है. यह रोग पत्तियों से लेकर जड़ों तक असर डालता है और धीरे-धीरे पूरे पौधे को कमजोर कर देता है.
आजमगढ़ : अगर आप शरदकालीन गन्ने की खेती करना चाहते हैं तो यह समय सबसे बेस्ट है. इस समय उगी हुई गन्ने की फसल की मांग ज्यादा रहती है. चीनी मिल नवंबर के महीने में उगाए हुए गन्ने को खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं तो वहीं इस समय अगर किसान गन्ने की फसल उगाते हैं, तो जमाव बेहतर होगा, गन्ने की फसल की अच्छी ग्रोथ होगी और कम लागत में गन्ने की फसल तैयार हो जाएगी.
शरदकालीन गन्ना खेती करने वाले किसानों के लिए फसल की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने हेतु उसकी सही देखभाल करना बेहद जरूरी है. गन्ने की फसल में कई तरह के रोग लगने का खतरा रहता है, जिनमें लाल सड़न रोग और झुलसा रोग सबसे आम हैं. लाल सड़न रोग को ‘गन्ने का कैंसर’ कहा जाता है, जबकि झुलसा रोग फसल की पत्तियों और जड़ों को प्रभावित कर देता है, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ता है. यह एक फफूंद जनित रोग है जो पत्तों से लेकर जड़ों तक फैलता है और एक पौधे से दूसरे पौधे में भी संक्रमण फैला सकता है.
झुलसा रोग का कारण?
कृषि विशेषज्ञ डॉ. दिव्या सिंह ने बताया कि झुलसा रोग का प्रमुख कारण खेतों में अधिक नमी होना है. जब सिंचाई के बाद पानी लंबे समय तक खेत में ठहरा रहता है, तो मिट्टी में फफूंद पनपने लगती है और यही झुलसा रोग को जन्म देती है. इस रोग के लक्षणों में पत्तियों का झुलसना और मुरझाना शामिल है. रोग से प्रभावित पत्तियों पर सफेद धारियां बनने लगती हैं, जो धीरे-धीरे भूरे रंग की हो जाती हैं. इसके कारण पौधे की वृद्धि रुक जाती है और पूरी फसल प्रभावित हो सकती है.
करें ये उपाय
ऐसे में किसानों को समय रहते इस रोग के लक्षणों की पहचान कर फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए. फसल की बुवाई के समय ही फफूंद नाशक दवाओं का प्रयोग करने से इस रोग के संक्रमण को रोका जा सकता है. वहीं, यदि फसल पहले से संक्रमित हो गई हो, तो 30 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड को प्रति लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करने से झुलसा रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है. इससे गन्ने की फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और उसकी पैदावार में सुधार किया जा सकता है.
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मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
Location :
Azamgarh,Azamgarh,Uttar Pradesh
First Published :
November 09, 2025, 10:36 IST
नमी, पानी, और फंगस की तिकड़ी! ठंड में बर्बाद कर देगी गन्ने की फसल











