Last Updated:November 09, 2025, 15:51 IST
Chitrakoot Tulsi Waterfall: अगर आप भी चित्रकूट के प्रसिद्ध तुलसी वाटर फॉल घूमने आ रहे हैं, तो उसके आसपास स्थित इन खूबसूरत स्थानों को देखना बिल्कुल न भूलें. कहा जाता है कि इन जगहों की प्राकृतिक सुंदरता आपको उत्तराखंड के घने जंगलों की याद दिला देगी. यहां के हरे-भरे पेड़, झरनों की कलकल ध्वनि और शांत वातावरण ऐसा अनुभव कराते हैं. जिसे आप जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे. इन स्थानों की खूबसूरती आपको प्रकृति के और करीब ले आती है और यात्रा को अविस्मरणीय बना देती है.
यह तस्वीर चित्रकूट के टिकरिया के पास स्थित तुलसी वॉटरफॉल की है. यहां ऊंची चट्टानों से पानी गिरता हुआ दिखाई पड़ता है. बता दे कि यह वही वाटर फॉल है. जहां यूपी का पहला स्काईवॉक ब्रिज बनकर तैयार हुआ है. इस वॉटर फाल में पानी के साथ दिखने वाली सुंदरता को देखने के लिए पर्यटक दूर दूर से आते है.
यह तस्वीर चित्रकूट के मारकुंडी के पास स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व की है. यहां पहुंच कर आप सफारी को सवारी करके जंगल घूम सकते है. इसके साथ ही जंगल में मौजूद बाघ, तेंदुआ, हिरण भालू जैसे अन्य जीव जंतु अपनी आंखों से देख सकते है. बता दे कि अब इस स्थान में पर्यटकों के रुकने के लिए कॉटेज भी बना दिए है. जिसका शुल्क देकर लोग यहां रात्रि भी रुक सकते है.
यह तस्वीरें मानिकपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर दूर मारकुंडी में स्थित मार्कण्डेय आश्रम की है. जहां मार्कंडेय ऋषि ने तपस्या की है. आज भी उनके तपस्या करने वाले स्थान में पड़ी भभूत गर्म रहती है. लोग इसके दर्शन के लिए इस आश्रम में पहुंचते है. बता दे कि यह आश्रम जंगल के बीच में बना हुआ है. जो सुंदरता से भरा हुआ है. यहां मौजूद कुंड से लोग पानी पीते है. कहा जाता है इसका पानी पीने से बीमारी दूर हो जाती है.
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यह तस्वीर मानिकपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 22 किलोमीटर दूर धारकुंडी आश्रम की है. यह आश्रम जंगलों के बीच ऊंची पहाड़ियों में बना हुआ है. यहां पहुंचने से पहले आप को रस्ते में कई प्रकार के सुंदर नज़ारे मिलेगी. उत्तराखंड की याद दिलाएंगे.इस आश्रम में आप को पहाड़ियों से बहने वाले पानी. साधु संतों के दर्शन के साथ मौजूद मंदिरो में भगवान के दर्शन होगे.
अगर आप तुलसी वाटर फॉल घूमने आए है तो रस्ते में पड़ने वाले पुष्करणी सरोवर में जरूर देखे. यह स्थान श्री राम से जुड़ा हुआ है. मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम ने राक्षस विराध का वध करने के बाद अपने रक्त से सने वस्त्र और अस्त्र-शस्त्र इसी सरोवर में धोए थे. धार्मिक महत्व के कारण यह स्थान लोगों के लिए बहुत पूजनीय है.
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November 09, 2025, 15:51 IST
चित्रकूट घूमने का बना रहे हैं प्लान… तो जरूर जाएं तुलसी वाटर फॉल











