अमेठी: आमतौर पर बुजुर्गों में आंखों की समस्या होना स्वाभाविक माना जाता है, लेकिन अमेठी में अब युवाओं में भी आंखों की समस्या बढ़ती जा रही है. जिला अस्पताल में आए मरीजों के आंकड़े बताते हैं कि 100 में से 20 मरीज 10 से 30 वर्ष की उम्र के युवा हैं, जो आंखों की समस्या से परेशान हैं.
युवाओं में यह समस्या मुख्य रूप से मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के लगातार इस्तेमाल की वजह से हो रही है. दिनभर मोबाइल पर वीडियो गेम, सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल गतिविधियों के कारण आंखों पर जोर पड़ता है, जिससे रोशनी कम होना, आंखों में इंफेक्शन और लंबे समय तक देखने के बाद सिर दर्द जैसी परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं.
क्यों हो रही है आंखों की समस्या?
अमेठी के वरिष्ठ आई एक्सपर्ट और चिकित्सक डॉ. सज्जन कुमार बताते हैं कि युवाओं का अनियमित खान-पान और मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल आंखों की समस्या बढ़ा रहा है. फास्ट फूड, मैगी, चाऊमीन, बर्गर जैसी चीजें भी आंखों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती हैं.
इसके अलावा, दिन में धूल और डस्ट के संपर्क में आने से भी आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है. विशेषकर सड़क पर गाड़ी चलाते समय अगर आंखों की सुरक्षा न हो तो यह समस्या और बढ़ जाती है.
साथ ही, संतुलित और पौष्टिक खान-पान को प्राथमिकता देनी चाहिए और फास्ट फूड से दूरी बनानी चाहिए. दिन में अगर धूल और डस्ट के संपर्क में आ रहे हैं, तो आंखों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित चश्मे का उपयोग करना चाहिए. डॉ. सज्जन कुमार के अनुसार, इन सावधानियों को अपनाकर युवा अपनी आंखों की रोशनी और स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं.











