भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी को एक बार फिर अपने ऐतिहासिक मुख्यालय 24 अकबर रोड से हटने का नोटिस मिला है। संपत्ति विभाग (Directorate of Estates) ने पार्टी को 24 अकबर रोड और भारतीय युवा कांग्रेस के 5 रायसीना रोड वाले कार्यालय को 28 मार्च, 2026 तक खाली करने का आदेश दिया है। इस नोटिस से पार्टी में हलचल मच गई है।
24 अकबर रोड कांग्रेस का राष्ट्रीय मुख्यालय रहा है, जिसे पार्टी ने 1978 से इस्तेमाल किया है। यह लुटियंस दिल्ली का हिस्सा है और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों, बैठकें और फैसले लेने का प्रमुख केंद्र रहा है। पार्टी ने जनवरी, 2025 में कोटला मार्ग पर इंदिरा गांधी भवन (9A, कोटला मार्ग) में नया मुख्यालय शिफ्ट कर लिया था, लेकिन 24 अकबर रोड का पता अभी भी अपनी विरासत और राष्ट्रीय पहचान के रूप में बनाए रखना चाहती है।
कांग्रेस को 2010 में 9A राउज एवेन्यू पर जमीन आवंटित की गई थी, जिसके बाद सरकारी नीति के तहत 2013 तक पुराने बंगलों को खाली करना था। उसके बाद कई बार नोटिस आए, लेकिन पार्टी ने अलग-अलग कारणों से इन्हें बनाए रखा। 2025 में इंदिरा भवन में शिफ्ट होने के बावजूद 24 अकबर रोड को हाई-प्रोफाइल मीटिंग्स के लिए इस्तेमाल करने की योजना थी। अब 2026 में नया नोटिस आया है, जिसमें बाजार दर किराया चुकाने के बावजूद खाली करने को कहा गया है।
कानूनी विकल्प पर विचार कर रही है
यह मुद्दा राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है, क्योंकि लुटियंस जोन में कांग्रेस की मौजूदगी खत्म होने का मतलब पार्टी के लिए नुकसान भी माना जा रहा है। पार्टी अब कानूनी लड़ाई और राजनीतिक रणनीति दोनों पर फोकस कर रही है। पिछले 48 सालों से 24 अकबर रोड के बंगले में कांग्रेस का मुख्यालय है। नोटिस मिलने के बाद से पार्टी राहत के लिए कनूनी विकल्प पर विचार कर रही है।
24 अकबर रोड, वो पता है जहां से बीते करीब 50 साल से कांग्रेस देश भर में सत्ता चलाते आ रही है। साल 1978 में जब कांग्रेस का बंटवारा हुआ और इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर से संगठित हुई, तब से लेकर अब तक यही कांग्रेस मुख्यालय का पता रहा। लेकिन अब कांग्रेस को ये मुख्यालय छोड़ना पड़ सकता है।











