Last Updated:March 22, 2024, 17:46 IST
Harmful chemicals in holi colours: होली पर रंग खरीदने जा रहे हैं तो पैकेट को ध्यान से पढ़ लें. इन रंगों में 8 प्रकार के खतरनाक कैमिकल्स मिलाए जाते हैं जो आपकी त्वचा को फाड़ सकते हैं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. जानें इन हार्मफुल कैमिकल्स के बारे में..
होली के रंग बनाने में 8 कॉमन कैमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जो शरीर के लिए बेहद खराब होते हैं.
Chemical holi colours side effects: होली के लिए बाजार में सैकड़ों ब्रांड के रंग और गुलाल मिल रहे हैं. आप भी खरीदने जा रहे हैं तो आंखों को खोल लें क्योंकि होली का त्यौहार और धमाल अपनी जगह है लेकिन आपकी सेहत सबसे जरूरी है. कहीं ऐसा न हो कि होली के हुड़दंग के चक्कर में आप अपने ही साथ खिलबाड़ कर बैठें. इसलिए रंग खरीदने जा रहे हैं तो उन 8 खतरनाक कैमिकल्स के नाम भी जान लें जो रंगों को और ज्यादा ब्राइट, गहरा, शाइनी और सस्ता बनाने के लिए मिलाए जा रहे हैं. इसलिए रंग की चमक को उसकी क्वालिटी न समझें, हो सकता है कि इसमें हानिकारक कैमिकल्स की ज्यादा मात्रा पड़ी हो. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इसके बारे में..
बिंदुमात्र नोएडा में मेडिकल कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रुपाली भारद्वाज कहती हैं कि आजकल रंग और गुलाल को बनाने में कैमिकल्स का इस्तेमाल इसलिए ज्यादा किया जाता है कि सस्ते में कलर बन जाएं, रंग गहरा आए और कलर की चमक बढ़ जाए. हालांकि कैमिकल्स मिलने के बाद ये रंग जहर बन जाते हैं और हमारे शरीर पर लगकर हमें बहुत बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं.
ये हैं 8 खतरनाक कैमिकल्स
. लैड ऑक्साइड- (काले रंग में)
. कॉपर सल्फेट – (हरे रंग में)
. मरकरी सल्फाइट – (लाल रंग बनाता है)
. मेलेकाइट ग्रीन – (हरे रंग में)
. रशियन ब्लू – (नीले रंग में)
. जंक्शन वॉइलेट – (बैंगनी कलर में)
. एल्यूमिनियम ब्रोमाइड – (सिल्वर कलर में)
. ग्लास पार्टिकल्स (शाइन के लिए)
ये कैमिकल क्या नुकसान करते हैं?
– लैड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट, मरकरी सल्फाइड आदि ऐसे कैमिकल हैं जो प्लेसेंटा को भी क्रॉस कर सकते हैं. इनसे गर्भवती महिलाओं को और उनके नवजात बच्चों को नुकसान पहुंचता है.
– त्वचा पर लाल लाल चकत्ते या जलने के निशान यानि डर्मेटाइटिस हो सकती है.
– आंखों में जलन, घाव कर देते हैं. आंखें लाल हो जाती हैं.
– ये कैमिकल्स कार्सिनोजेनिक हैं और स्किन के लिए बहुत नुकसानदेह हैं.
– एलर्जी हो सकती है. एलर्जी है तो बढ़ सकती है.
– स्किन एक्स्ट्रा ड्राई हो सकती है.
– पहले से आंख, लंग या स्किन की परेशानी है तो यह दिक्कत बढ़ सकती है.
– वहीं ग्लास पार्टिकल्स स्किन को फाड़ देते हैं.
जब भी रंग खरीदें तो पढ़ लें नाम
डॉ. रुपाली कहती हैं कि इन 8 कॉमन रूप से पाए जाने वाले कैमिकल्स के अलावा भी बहुत सारे ऐसे कैमिकल्स हैं जो आजकल रंग बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं. ये खुशबूदार गुलाल में भी पाए जाते हैं. इसलिए सभी के नाम जान पाना मुश्किल है लेकिन होली के लिए जब भी रंग या गुलाल खरीदने जाएं तो उसके पैकेट पर रंग के इंग्रीडिऐंट्स पढ़ लें. अगर पैकेट में इन नामों का जिक्र है तो उन रंगों को न खरीदें. कोशिश करें कि अच्छी क्वालिटी या ब्रांड के हर्बल गुलाल ही खरीदें. हालांकि उनके भी पैकेट को पढ़ लें.
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प्रिया गौतमSenior Correspondent
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ और रियल एस…और पढ़ें
Location :
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
March 22, 2024, 17:46 IST










