हरियाली में सुकून भरे पल चाहिए तो गंगा किनारे बोटेनिकल गार्डन आइये, नए साल में आमजन के लिए खुला

कानपुर : नए साल 2026 की पहली सुबह कानपुर वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. शहर को आज एक नया, आधुनिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल मिल गया है. गंगा किनारे अटल घाट के पास 44 एकड़ में फैला शहर का पहला और प्रदेश का दूसरा बोटेनिकल गार्डन आम जनता के लिए खोल दिया गया है. करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह गार्डन न सिर्फ हरियाली बढ़ाएगा, बल्कि लोगों को प्रकृति के बेहद करीब आने का अवसर भी देगा.

कानपुर विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजना
यह बोटेनिकल गार्डन कानपुर विकास प्राधिकरण की ओर से विकसित किया गया है. अधिकारियों के अनुसार लंबे इंतजार के बाद यह परियोजना पूरी तरह तैयार हो चुकी है और 1 जनवरी 2026 से आम लोगों के लिए खोल दी गई है. केडीए का कहना है कि यह गार्डन शहर के पर्यावरण संतुलन और पर्यटन दोनों को मजबूती देगा.

गंगा बैराज के पास स्थित है गार्डन की खास लोकेशन
बोटेनिकल गार्डन की सबसे बड़ी खासियत इसका लोकेशन है. यह गंगा बैराज के बिल्कुल पास स्थित है, जहां से गंगा नदी का बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. गार्डन से होते हुए लोग सीधे गंगा बैराज स्थित बोट क्लब तक भी पहुंच सकेंगे, जहां बोट राइड्स का आनंद लिया जा सकता है.

हर उम्र के लोगों के लिए विकसित किया गया क्षेत्र
अटल घाट के इस पूरे क्षेत्र को इस तरह से विकसित किया गया है कि परिवार, बुजुर्ग, बच्चे और युवा सभी यहां सुकून के पल बिता सकें. सुबह की सैर हो या शाम की वॉक, यह स्थान हर वर्ग के लोगों के लिए खास रहेगा. प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के लिए यह गार्डन एक आदर्श जगह बनकर उभरा है.

वॉकिंग ट्रेल और रोज गार्डन होंगे मुख्य आकर्षण
केडीए अधिकारियों के अनुसार बोटेनिकल गार्डन के अंदर लंबा और सुंदर वॉकिंग ट्रेल बनाया गया है. इसके अलावा रोज गार्डन और लोटस पांड भी तैयार किए गए हैं, जो लोगों को खासा आकर्षित करेंगे. यहां घूमते हुए लोगों को हरियाली और फूलों की खुशबू का अद्भुत अनुभव मिलेगा.

योग केंद्र और रिसर्च सेंटर की भी व्यवस्था
बोटेनिकल गार्डन में सिर्फ सैर ही नहीं, बल्कि योग और शोध से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं. यहां योग केंद्र और म्यूजियम सेंटर बनाया गया है. साथ ही एक रिसर्च सेंटर भी तैयार किया गया है, जहां पौधों और जैव विविधता पर अध्ययन किया जा सकेगा.

निर्माण से ज्यादा हरियाली पर दिया गया जोर
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में भवन निर्माण को सीमित रखा गया है. उद्देश्य यह था कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाए जाएं और हरित क्षेत्र विकसित किया जाए. अंदर बने भवन भी प्रकृति के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं ताकि गार्डन का प्राकृतिक स्वरूप बना रहे.

एनबीआरआई के विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ विकास
केडीए के नगर नियोजक मनोज कुमार ने बताया कि बोटेनिकल गार्डन को नेशनल बोटेनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की देखरेख में विकसित किया गया है. इससे यह सुनिश्चित किया गया कि यहां लगाए गए पौधे और संरचनाएं वैज्ञानिक तरीके से तैयार हों और लंबे समय तक सुरक्षित रहें.

पहले रुक गया था प्रोजेक्ट, अब मिला नया जीवन
यह प्रोजेक्ट पहले सपा सरकार के समय हाईकोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के चलते रुक गया था. बाद में सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर इसे नए सिरे से विकसित किया गया. अब यह परियोजना पूरी तरह तैयार होकर जनता को समर्पित कर दी गई है.

पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत होगा कानपुर
नए साल पर खुले इस बोटेनिकल गार्डन से कानपुर के पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. गंगा बैराज, अटल घाट, बोट क्लब और अब बोटेनिकल गार्डन के जुड़ने से यह इलाका शहर का नया टूरिस्ट हब बन सकता है. कानपुरवासियों को नए साल पर प्रकृति और सुकून का एक अनमोल तोहफा मिला है.

Source

dainikupeditor@gmail.com

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