Last Updated:January 02, 2026, 08:12 IST
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी का मामला सामने आया है. साइबर जालसाजों ने रिटर्स अफसर को 25 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया. साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के मुकदमा का खौफ दिखाकर बुजुर्ग अफसर को अपने झांसे में लिया.
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Lucknow News: लखनऊ में रिटायर्ड अफसर के साथ साइबर ठगी
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में एक बार फिर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया है. इस बार वित्त विभाग से रिटायर्ड 73 वर्षीय अफसर अमरजीत सिंह को डिजिटल अरेस्ट करके लगभग 90 लाख रुपये की ठगी की गई. यह पूरा मामला 1 दिसंबर से 24 दिसंबर तक चला, जिसमें ठगों ने अमरजीत सिंह को लगातार वीडियो कॉल और फोन पर डराते-धमकाते रहे.
अमरजीत सिंह एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ में रहते हैं. 1 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का अधिकारी ‘गिरीश कुमार’ बताया. उसने अमरजीत सिंह को कहा कि उनके बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है और उनके खिलाफ मुंबई साइबर क्राइम थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है.
जेल भेजने की धमकी
जब अमरजीत ने विरोध जताया तो ठग ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी. डराने के लिए उसने व्हाट्सएप पर एक फर्जी कोर्ट वारंट भी भेज दिया. घबराए हुए अमरजीत सिंह ने ठगों की बात मान ली. इसके बाद ठगों ने उनके सभी बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, निवेश और अन्य आर्थिक स्रोतों की पूरी जानकारी ले ली. फिर शुरू हुआ ‘डिजिटल अरेस्ट’. ठगों ने अमरजीत सिंह को लगातार फोन पर रखा और कहा कि वे जांच के लिए ‘नजरबंद’ हैं. इस दौरान उन्हें घर से बाहर जाने, किसी से बात करने या परिवार को बताने की मनाही थी. जांच के बहाने ठगों ने अमरजीत सिंह के बैंक खातों से कुल 90 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए.
25 दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट
यह सिलसिला 24 दिसंबर तक चलता रहा. 25 दिसंबर की शाम को अमरजीत सिंह के बेटे अमरप्रीत को पिता के व्यवहार में अजीब बदलाव दिखा. बार-बार पूछने पर आखिरकार अमरजीत सिंह ने पूरा सच बता दिया. परिवार ने तुरंत लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की. शुरुआती जांच में पुलिस ने ठगी के 15 लाख रुपये संबंधित खातों से फ्रीज करा दिए हैं. बाकी राशि के बारे में जांच जारी है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह साइबर ठगों का एक आम तरीका है, जिसमें वे खुद को बड़े अधिकारी बताकर बुजुर्गों को डराते हैं और डिजिटल अरेस्ट का ड्रामा रचकर पैसे ऐंठते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की कॉल या मैसेज पर बैंक डिटेल्स न दें और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें.
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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
Location :
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
January 02, 2026, 08:12 IST
लखनऊ में रिटायर्ड अफसर को 25 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, 90 लाख रुपए की ठगी










