Last Updated:October 28, 2023, 19:51 IST
डॉ. सैफुल्लाह खालिद ने बताया कि इसके जरिए एयरलाइंस को फायदा होगा क्योंकि इससे फ्यूल बचेगा और प्रदूषण में भी कमी आयेगी. उन्होंने बताया कि इसके अलावा विमान को आने और जाने में देरी नहीं होगी और ना ही कोई विमान निरस्त किया जाएगा.
यही है ड्रोन जिसे सभी प्रोफेसरों ने मिलकर बनाया है.
अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ. कभी बारिश तो कभी कोहरा इस वजह से अक्सर प्लेन क्रैश होने के मामले हमारे देश-विदेश में सामने आते रहते हैं. इस तरह के मामलों में अक्सर पायलट के साथ ही तमाम यात्रियों की भी जान चली जाती है. कई बार तो भी वीआईपी लोग भी इसमें अपनी जान गंवा बैठते हैं.
ऐसे प्लेन क्रैश के मामलों को रोकने के लिए लखनऊ के कुछ प्रोफेसरों ने मिलकर एक ऐसा ड्रोन बनाया है जिसके जरिए ऐसी घटनाओं को काबू किया जा सकेगा. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर डॉ. सैफुल्लाह खालिद ने बताया कि सर्दियो के दिनों में विमानों के उड़ान भरने और उतरने में कोहरा मुख्य बाधा उत्पन्न करती है. इसी समस्या का निदान इस पब्लिकेशन पेटेंट के माध्यम से सुझाया गया है.
ड्रोन में है यूवी-रे जेनरेटर
डॉ. सैफुल्लाह खालिद ने बताया कि यह एक तरह का ड्रोन है, जो ऐसी घटनाओं को काबू करेगा, यह यूवी जेनरेटर है. उन्होंने बताया कि यह ड्रोन सिस्टम रनवे के एप्रोच पथ की दृश्यता के साथ-साथ रनवे की दृश्य सीमा में सुधार सुनिश्चित करता है. इस ड्रोन में दृश्यता में सुधार के लिए यूएवी लगाने का सुझाव दिया गया है. यह है पर्याप्त संख्या में कोहरे को फैलाकर , कोहरे को कम या समाप्त या इसके प्रभाव को कम कर सकता है.
1 साल में प्रोजेक्ट होगा पूरा
डॉ. सैफुल्लाह खालिद ने बताया कि इसके जरिए एयरलाइंस को फायदा होगा क्योंकि इससे फ्यूल बचेगा और प्रदूषण में भी कमी आयेगी. उन्होंने बताया कि इसके अलावा विमान को आने और जाने में देरी नहीं होगी और ना ही कोई विमान निरस्त किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को उनके साथ अनूप कुमार, धर्मेंद्र प्रकाश और दिनेश निषाद ने मिलकर बनाया है. इसका बजट 20 लाख रुपए है और एक साल के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा और लोगों को इसका काम भी दिखने लग जायेगा.
Location :
Lucknow,Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
October 28, 2023, 19:51 IST










