महराजगंज का बसूली माता मंदिर, जहां गिरी थी भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी, जाने इसका इतिहास

Last Updated:March 11, 2026, 18:40 IST

महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र के बसूली गांव में स्थित बसूली माता मंदिर एक प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जिससे गहरी आस्था और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. स्थानीय मान्यता के अनुसार इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी गिरी थी, जिसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई. शांत वातावरण और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं.

महराजगंज. जिले के अलग अलग हिस्सों में बहुत से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, इसके साथ ही इन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की अपनी खास मान्यताएं भी हैं जो इन्हें खास बनाती हैं. ऐसा ही एक धार्मिक स्थल मौजूद है महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र के बसूली गांव में जो अपने धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यता के लिए जाना जाता है. यह एक दुर्गा माता का मंदिर है जिसे बसूली माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. बसूली माता मंदिर धार्मिक आस्था का एक बड़ा केंद्र है, जिससे एक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है. बसूली गांव के जंगलों के पास मौजूद इस मंदिर में दूर दराज से लोग दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना लेकर आते हैं. सदियों पुराने इस मंदिर को लेकर लोगों के बीच गहरी धार्मिक श्रद्धा और आस्था बनी हुई है. स्थानीय मान्यता के अनुसार यह एक ऐसा मंदिर है जहां भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी गिरी थी और उसी स्थान पर इस मंदिर का निर्माण हुआ है.

यहां गिरी थी भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी
ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी यहां गिरने से इस मंदिर का संबंध भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा हुआ है. मंदिर के इतिहास की यह घटना लोगों के बीच बहुत है लोकप्रिय है. यह मंदिर कितना प्राचीन है इसकी सटीक जानकारी किसी को भी नहीं है, हालांकि इसके इतिहास को लेकर स्थानीय लोग अलग अलग कहानियों का जिक्र भी करते हैं. इन कहानियों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय भगवान श्री कृष्ण के बांसुरी की है जिसकी वजह से ही इसका नाम पड़ा. श्री कृष्ण की बांसुरी गिरने के बाद ही इस मंदिर का नाम बांसुरी देवी माता मंदिर पड़ा जिसे आगे चल कर बसूली माता मंदिर के नाम से जाना जाने लगा. इस मंदिर की खास बात है कि यह मंदिर प्राचीन समय में जंगलों के बीच स्थित था, जो समय के साथ साथ यहां के जंगलों का कटान हुआ और अब यह जंगलों के पास ही मौजूद है और यही से जंगल शुरू होता है.

शांत वातावरण और धार्मिक अनुष्ठान वाला परिसर
इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की यह आस्था है कि यहां सच्चे मन से मांगने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही यह मंदिर एक बहुत ही शांत वातावरण में है जिसकी वजह से भी आने जाने वाले लोग यहां पर रुकते हैं. यह एक ऐसा मंदिर है जहां पर श्रद्धालु दर्शन के लिए तो आते ही है उसके साथ ही अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी यहां पर श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठा होती है. लगभग प्रतिदिन यहां पर कोई ना कोई धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं जिसमें एक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. एक बड़े परिसर में फैला यह बसूली मंदिर अपनी शांत वातावरण और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी जाना जाता है. बसूली मंदिर सिर्फ अपनी धार्मिक मान्यता के लिए ही नहीं बल्कि यह एक जिले के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के रूप में भी जाना जाता है और इससे जुड़ी मान्यताएं और आस्था आज भी लोगों के भीतर मजबूती से जगह बनाए हुए हैं.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

Location :

Maharajganj,Mahrajganj,Uttar Pradesh

First Published :

March 11, 2026, 18:40 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति