भूलने की आदत बन रही आम, आयुर्वेदिक पौधे बना सकते हैं मेमोरी तेज, यहां छुपा है समाधान

सहारनपुर: आज के समय में बदलते खानपान और लाइफस्टाइल का सीधा असर इंसान के दिमाग पर पड़ रहा है. लोगों की याददाश्त कमजोर होती जा रही है और छोटी-छोटी बातें भी जल्दी भूलने की समस्या आम होती जा रही है. मेमोरी तेज करने के लिए लोग ड्राई फ्रूट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन पुराने समय में हमारे बुजुर्ग और वैद्य कुछ खास आयुर्वेदिक पौधों का इस्तेमाल किया करते थे, जो दिमाग को तेज और मजबूत बनाते थे.

दिमाग को तेज बनाने में रामबाण हैं आयुर्वेदिक पौधे
आयुर्वेद में कई ऐसे पौधों का उल्लेख मिलता है, जो दिमागी क्षमता बढ़ाने में बेहद असरदार माने जाते हैं. इनमें प्रमुख रूप से ब्राह्मी, शंखपुष्पी और जटामांसी शामिल हैं. ये जड़ी-बूटियां मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संचार को बेहतर बनाती हैं, तनाव को कम करती हैं और न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव डालती हैं. इनके नियमित सेवन से याददाश्त तेज होती है और मानसिक थकान भी कम होती है.

याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक
ब्राह्मी, शंखपुष्पी और जटामांसी मिलकर मस्तिष्क के कार्यों को संतुलित करती हैं. ये सूचनाओं को लंबे समय तक संग्रहीत करने की क्षमता बढ़ाती हैं, जिससे पढ़ाई करने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को विशेष लाभ मिलता है. आयुर्वेद के अनुसार इन पौधों का सही तरीके से उपयोग करने पर दिमाग कंप्यूटर की तरह तेज हो सकता है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए उपयोग के सही तरीके
आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बी.ए.एम.एस, एम.डी डॉक्टर हर्ष ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि दिमाग को तेज बनाने के लिए कई आयुर्वेदिक द्रव्यों का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी, जटामांसी, वचा और मधु प्रमुख हैं. इनका सही मात्रा और सही तरीके से उपयोग करना बेहद जरूरी है.

शंखपुष्पी का ऐसे करें इस्तेमाल
डॉक्टर हर्ष ने बताया कि शंखपुष्पी एक ऐसा पौधा है, जिसका इस्तेमाल स्वरस के रूप में किया जा सकता है. इसके पत्तों को पीसकर रस निकालकर पिया जा सकता है. इसके अलावा इसकी जड़ और पत्तों को सुखाकर चूर्ण बनाकर भी सेवन किया जा सकता है. जो लोग अपनी मेमोरी और एकाग्रता बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए शंखपुष्पी बेहद लाभकारी है.

ब्राह्मी से मिलती है ठंडक और दिमागी ताकत
ब्राह्मी का पंचांग यानी पौधे के पांचों भागों का उपयोग किया जाता है. इन्हें सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है या फिर ब्राह्मी का स्वरस बनाकर पिया जाता है. आजकल लोग ब्राह्मी का शरबत भी बनाकर पीते हैं, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ दिमाग को भी मजबूत करता है. यह बच्चों और छात्रों के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है.

जटामांसी नींद और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद
जटामांसी भी दिमाग के लिए एक अच्छा पौधा है, लेकिन यह थोड़ा निद्राजनक होता है. डॉक्टर हर्ष के अनुसार जिन लोगों को नींद न आने की समस्या है, उनके लिए जटामांसी का उपयोग लाभकारी हो सकता है. वहीं जिन लोगों को केवल मेमोरी बढ़ानी है, उनके लिए शंखपुष्पी अधिक उपयुक्त है.

अलग-अलग दिमागी समस्याओं के लिए अलग पौधे
आयुर्वेद के अनुसार दिमाग के अलग-अलग फंक्शंस को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग पौधों का इस्तेमाल किया जाता है. सही सलाह और सही मात्रा में इन जड़ी-बूटियों का सेवन करने से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को लाभ मिल सकता है.

Source

dainikupeditor@gmail.com

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