मिर्जापुर: नववर्ष की पहली सुबह मां विंध्यवासिनी धाम में मंगला आरती के साथ ही दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो गया. तड़के से ही भक्त मंदिर परिसर में पहुंचने लगे. श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां के दरबार में पहुंचे और सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की. प्रशासन के अनुसार, दोपहर तक ही 3 लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके थे, जबकि शाम तक यह संख्या 7 लाख से ऊपर पहुंचने की संभावना जताई गई है.
पहली बार नववर्ष पर उमड़ी रिकॉर्ड भीड़
मां विंध्यवासिनी धाम में नववर्ष पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे पहले कभी नए साल पर इतनी बड़ी संख्या में भक्त नहीं पहुंचे थे. बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए आए हैं. इसके साथ ही पूर्वांचल के अलग-अलग जनपदों से भी बड़ी संख्या में भक्त मिर्जापुर पहुंचे.
वाराणसी की भीड़ का असर, मिर्जापुर पहुंचे भक्त
वाराणसी में भीड़ अधिक होने के कारण भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी धाम की ओर रुख करते नजर आए. भक्त नारियल, चुनरी, माला और प्रसाद लेकर मां के दरबार में पहुंचे. मुख्य द्वार और झांकी मार्ग से श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं. मंदिर के बाहर करीब एक किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी रही, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया.
सड़क से लेकर मंदिर तक वाहनों की लंबी कतारें
नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला. मंदिर आने-जाने वाले सभी मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. हालांकि प्रशासन द्वारा पहले से किए गए इंतजामों के चलते यातायात को धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया. पार्किंग स्थलों पर पुलिस और नगर पालिका की टीम लगातार तैनात रही, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम
भक्तों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पीएसी, यूपी पुलिस और नगर पालिका की टीमें मुस्तैद रहीं. भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की गई थी और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा रहे थे. जगह-जगह स्वयंसेवक भी तैनात रहे, जो बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मदद करते नजर आए.
मां से सुख-समृद्धि की कामना लेकर पहुंचे भक्त
प्रयागराज से आए भक्त प्रमिल यादव ने बताया कि वह नए साल के पहले दिन मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आए हैं. उन्होंने कहा कि मां के दरबार में शीश नवाने से मन को शांति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. आज साल का पहला दिन है, इसलिए मां से पूरे परिवार के सुख और मंगल की कामना की है. भीड़ ज्यादा होने के बावजूद दर्शन में कोई खास परेशानी नहीं हुई.
भक्तों ने की व्यवस्था की सराहना
भक्त आशीष दुबे ने बताया कि वह हर मंगलवार मां के दर्शन के लिए आते हैं और नववर्ष पर भी धाम में हाजिरी लगाई. उन्होंने कहा कि मां विंध्यवासिनी अधिष्ठात्री देवी हैं और यहां आकर एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती है. वहीं भक्त सुनील कुमार ने कहा कि इस बार नववर्ष पर दर्शन व्यवस्था बेहद शानदार रही. इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद आसानी से दर्शन हो गए, जिससे पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा मिलने का विश्वास है.
भक्ति और व्यवस्था का अद्भुत संगम
कुल मिलाकर नववर्ष 2026 पर मां विंध्यवासिनी धाम में आस्था, श्रद्धा और व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला. लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में एक है. भक्तों का विश्वास है कि मां के आशीर्वाद से नया साल सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएगा.










