बाबूपुरवा में बंदरों का आतंक: छत से कूदकर जान गंवाने की घटना ने बढ़ाई दहशत, जानें हकीकत

Last Updated:January 01, 2026, 18:06 IST

Kanpur Latest News : कानपुर के बाबूपुरवा और आसपास के इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. बीते कई वर्षों से लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं. बंदरों के हमले, सामान छीनने की घटनाएं और हादसों ने हालात भयावह बना दिए हैं. अब प्रशासन के फैसले से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है.

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बाबूपुरवा और आसपास के इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. बीते कई सालों से यहां के लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं. छतों पर कपड़े सुखाने से लेकर बच्चों को स्कूल भेजने तक, हर रोजमर्रा के काम में बंदरों का खतरा बना रहता है. आए दिन हो रहे हमलों और हादसों ने लोगों की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है.
अचानक हमलों से दहशत में लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर अचानक घरों में घुस आते हैं. ये खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और विरोध करने पर हमला कर देते हैं. कई बार बंदर लोगों का पीछा कर लेते हैं, जिससे अफरा-तफरी मच जाती है. आए दिन होने वाली इन घटनाओं ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है.
पार्षद ने जताई गंभीर चिंता
बाबूपुरवा के पार्षद आलोक यादव ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि बंदर अब खुलेआम गलियों और घरों में घूमते नजर आते हैं. कई लोगों को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है. लोगों की शिकायतें लगातार आ रही हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका था.
बंदरों के हमले में जा चुकी है जान
मोहल्ले के एक निवासी ने बताया कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति को बंदरों ने दौड़ा लिया था. जान बचाने के लिए वह छत से कूद गया, जिससे उसकी गिरकर मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में डर और गहरा गया. लोग अब छत पर जाने से भी कतराने लगे हैं.
बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ा खतरा
बंदरों का आतंक बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. बच्चे छत पर खेलने से डरते हैं और बुजुर्ग अकेले बाहर निकलने से बचते हैं. कई महिलाओं ने बताया कि बंदर कपड़े फाड़ देते हैं और रसोई तक पहुंच जाते हैं. कुछ लोगों के हाथ से मोबाइल, चश्मा और अन्य सामान भी बंदर छीन चुके हैं.
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही, जिससे लोगों में नाराजगी और प्रशासन के प्रति अविश्वास बढ़ता गया.
प्रशासन के फैसले से लोगों को मिली राहत
अब इस मामले में एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है. आदेश दिया गया है कि पुलिस की निगरानी में नगर निगम और वन विभाग की टीम बाबूपुरवा में बंदरों के आतंक को खत्म करने के लिए अभियान चलाएगी. इस फैसले के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है. लोगों का कहना है कि पहली बार उनकी समस्या को गंभीरता से लिया गया है.
पुलिस निगरानी में चलेगा अभियान
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस की मौजूदगी में अभियान चलने से पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी तरह की अव्यवस्था नहीं होगी. साथ ही लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी. नगर निगम और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर दूसरे स्थान पर छोड़े जाने की उम्मीद है.
अब जमीनी कार्रवाई का इंतजार
हालांकि लोगों के मन में अब भी सवाल है कि यह अभियान जमीनी स्तर पर कब शुरू होगा. उनका कहना है कि पहले भी आदेश हुए, लेकिन अमल नहीं हो पाया. अब उम्मीद है कि संबंधित टीमें जल्द ही मौके पर उतरेंगी और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा.
आसपास के इलाकों को भी मिल सकती है राहत
स्थानीय निवासियों का मानना है कि अगर यह अभियान सही तरीके से चलाया गया, तो बाबूपुरवा के साथ-साथ आसपास के अन्य इलाकों को भी बंदरों के आतंक से राहत मिल सकती है. फिलहाल लोग इसी उम्मीद में हैं कि जल्द ही उनकी गलियों, छतों और सड़कों से बंदरों की दहशत खत्म होगी और वे बिना डर के सामान्य जीवन जी सकेंगे.

Location :

Kanpur Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

January 01, 2026, 18:06 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

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