Last Updated:January 02, 2026, 16:05 IST
Fraud News: सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए हर दिन नए-नए कदम उठा रही है. खाना से लेकर ड्रेस और किताबों तक का खर्चा उठा रही है. मगर, कुछ भ्रष्टाचार से लिप्त लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. कभी ड्रेस का भाव लगा लेते हैं तो किताबों को बेच देते हैं.
एआई तस्वीर.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक बड़ा ही अजीबोगरीब मामला सामने आया है. एक तरफ सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए नए नए कदम उठा रही है तो वहीं कुछ लोग भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दे रहे हैं. कभी बच्चों के खाने पर बुरी नजर डाल लेते हैं तो कभी उनकी स्कूली ड्रेस पर. कुछ नहीं मिला तो किताबों पर ही अपना नया बिजनेस खोल लिया. दरअसल, एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को बच्चों से ज्यादा कबाड़ी की चिंता सता गई. उसने पढ़ाई के लिए आई नई किताबों को ही बेच दिया. जब इस पूरे मसले का वीडियो वायरल हुआ तो सारा माजरा सामने आ गया. शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया.
दरअसल, मामला लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय नेवाजखेड़ा का है. यहां बच्चों की पढ़ाई के लिए आई नई किताबों को कबाड़ी को बेचने का गंभीर मामला सामने आया है. वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया और प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया गया. इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब किताबों से भरी बोरियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
स्कूल के बाहर मौजूद गांव के कुछ बच्चों ने कबाड़ी को रोककर बोरी खुलवाई, जिसमें कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए नई शैक्षिक किताबें और कार्य पुस्तिकाएं पाई गईं. इसका वीडियो मौके पर मौजूद एक युवक ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. कबाड़ी के ठेले पर बोरियां रखी थीं, जिनमें बड़ी मात्रा में किताबें और अन्य सामग्री मौजूद थी. बताया जा रहा है कि इन बोरियों का वजन करीब दो क्विंटल के आसपास था. वीडियो में गांव के लोग कबाड़ी से सवाल-जवाब करते हुए भी नजर आते हैं.
वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने तत्काल मामले की जांच के आदेश दिए. खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुशील कनौजिया जांच के लिए प्राथमिक विद्यालय नेवाजखेड़ा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, स्कूल स्टाफ और मौके पर मौजूद लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. ग्रामीणों ने बताया कि किताबें प्रधानाध्यापक की मौजूदगी में बेची गई थीं.
बीईओ ने कबाड़ी से भी पूछताछ की, जिसमें कबाड़ी ने स्वीकार किया कि पहले किताबों का रेट तय हुआ, उसके बाद उन्हें खरीदा गया. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद किताबें वापस ले ली गईं. बीईओ ने पूरे प्रकरण पर अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित करने के साथ ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. नोटिस में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि कबाड़ी को बेची गई किताबें किस शैक्षणिक वर्ष की थीं और उनके अलावा और कौन-कौन सी सामग्री बेची गई. पूरे मामले को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच जारी रखी है.
Location :
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
January 02, 2026, 16:05 IST
बच्चों से ज्यादा गुरुजी को सताई कबाड़ी की चिंता, नई किताबों को ही दिया बेच











