Last Updated:January 02, 2026, 07:19 IST
Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भूमाफियाओं के खिलाफ कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी. राजधानी लखनऊ में मेजर की बेटी ने जब उनसे अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की तो 24 घंटे के अंदर एक्शन हुआ. पुलिस ने माफियाओं के कब्जे से मकान को खाली कराकर बेटी को घर में प्रवेश करवाया.
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Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात के बाद मेजर की बेटी को मिला न्याय लखनऊ. नए साल का पहला दिन एक बीमार महिला के लिए बहुत खास बन गया. स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना को अपने पिता का घर वापस मिल गया. यह घर लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में है, जिस पर कुछ लोगों ने फर्जी कागजात बनाकर कब्जा कर लिया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की और अंजना को उनका घर वापस दिला दिया.
अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे. उनका निधन 1994 में हो गया था. परिवार में दो बेटियां और एक बेटा थे, लेकिन समय के साथ बेटा और एक बेटी का भी निधन हो गया. इस दुख से टूटकर अंजना गंभीर मानसिक बीमारी (सीजोफ्रेनिया) से ग्रस्त हो गईं. 2016 से वे एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में इलाज करा रही हैं.
जाली दस्तावेज से किया कब्जा
इसी कमजोरी का फायदा उठाकर चंदौली जिले के बलवंत यादव उर्फ बबलू और मनोज यादव ने फर्जी वसीयत और जाली दस्तावेजों के जरिए अंजना के घर पर कब्जा कर लिया. जब अंजना को इस बात का पता चला तो उन्होंने पहले स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई. आखिरकार 31 दिसंबर 2025 को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी पूरी व्यथा सुनाई.
मुख्यमंत्री से शिकायत पर एक्शन
मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यान से सुनी और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए. उनके निर्देश पर लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने तेजी से काम किया. अगले ही दिन यानी 1 जनवरी 2026 को दोपहर तक आरोपियों बलवंत यादव और मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया गया. घर से अवैध कब्जा हटाया गया और अंजना को उनका घर वापस सौंप दिया गया.
मकान वापस मिलते भावुक हुईं अंजना
पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में जब अंजना अपने घर में दाखिल हुईं तो भावुक हो गईं. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. वे हर कमरे में गईं, दीवारों को छुआ और पुरानी यादों में खो गईं. बाहर निकलकर उन्होंने नारियल फोड़ा, दीपक जलाया और फूल चढ़ाए. पड़ोस की महिलाओं से गले मिलकर रो पड़ीं. खुशी में उन्होंने बार-बार कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू!”
चौकी इंचार्ज सस्पेंड
इस पूरे मामले में एक चौकी इंचार्ज पर भी लापरवाही का आरोप लगा और उन्हें निलंबित कर दिया गया. मुख्यमंत्री योगी की ‘भूमाफिया पर जीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते एक बार फिर गरीब और असहाय व्यक्ति को तेजी से न्याय मिला. अंजना की यह जीत न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक संदेश है कि उत्तर प्रदेश में किसी निर्दोष को अन्याय नहीं सहना पड़ेगा.
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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
Location :
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
January 02, 2026, 07:19 IST










