अयोध्या: ठंड के मौसम में खानपान का सही चयन सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. इस मौसम में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा, गर्माहट और रोग प्रतिरोधक क्षमता की आवश्यकता होती है. ऐसे में जड़ युक्त फल और सब्जियां, खासतौर पर कंदमूल का सेवन बेहद फायदेमंद साबित होता है. विशेषज्ञों के अनुसार कंदमूल पोषक तत्वों का भंडार है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ कई बीमारियों से भी बचाव करता है.
ठंड में क्यों जरूरी है कंदमूल का सेवन
सर्दियों के मौसम में शरीर की ऊर्जा खपत बढ़ जाती है. ठंडी हवा और कम तापमान के कारण शरीर को अंदर से मजबूत रखने की जरूरत होती है. कंदमूल ऐसा फल है, जो प्राकृतिक रूप से शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को गर्माहट देने के साथ-साथ कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं. यही कारण है कि ठंड में कंदमूल को विशेष आहार के रूप में शामिल करने की सलाह दी जाती है.
पोषक तत्वों का भरपूर भंडार है कंदमूल
विशेषज्ञों के मुताबिक कंदमूल में खनिज तत्व, मिनरल, कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके साथ ही इसमें फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है. फाइबर युक्त होने के कारण यह पेट को साफ रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. ठंड के मौसम में जब पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है, तब कंदमूल बेहद लाभकारी माना जाता है.
डॉक्टर की सलाह, सेहत के लिए अमृत समान
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा के अनुसार ठंड के मौसम में जितने भी जड़ युक्त फल और सब्जियां होती हैं, जैसे कंदमूल और गाजर, उनका सेवन जरूर करना चाहिए. ये सभी रेशे युक्त होते हैं और शरीर को संतुलित बनाए रखते हैं. कंदमूल का सेवन करने से शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और शरीर को आवश्यक विटामिन व मिनरल मिलते हैं. इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल की समस्या में भी यह लाभ पहुंचाता है.
शुगर और कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए फायदेमंद
डॉ. विश्वकर्मा बताते हैं कि जिन लोगों को शुगर, कोलेस्ट्रॉल या हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या होती है, उनके लिए ठंड के मौसम में कंदमूल का सेवन विशेष रूप से लाभकारी है. यह रक्त में शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत होता है और कमजोरी दूर होती है. साथ ही पेट से जुड़ी कई समस्याओं में भी राहत मिलती है.
बिना साइड इफेक्ट का प्राकृतिक फल
कंदमूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सेवन से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता. यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित फल है, जिसे मौसम के अनुसार नियमित रूप से खाया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड में कंदमूल का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, इम्यूनिटी को मजबूत करता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है.
त्रेता युग से जुड़ा धार्मिक महत्व
कंदमूल का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी बताया जाता है. मान्यता है कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने 14 वर्ष के वनवास के दौरान माता जानकी और भाई लक्ष्मण के साथ कंदमूल और फल का ही सेवन किया था. यह दर्शाता है कि कंदमूल न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि प्राकृतिक रूप से जीवन के लिए उपयोगी भी है.
डॉक्टरों की अपील, आहार में जरूर करें शामिल
डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में अपने दैनिक आहार में कंदमूल को जरूर शामिल करें. इससे न केवल सेहत बेहतर रहेगी, बल्कि शरीर अंदर से मजबूत बनेगा और कई बीमारियों से बचाव भी संभव होगा.











