चंदौली में ‘खेत-तालाब योजना’ का आप उठा सकते हैं लाभ, किसानों को मिलेगा 50% अनुदान

चंदौली: जिले में वर्षा जल संचयन और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के घटक ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (Per Drop More Crop) के तहत ‘खेत तालाब योजना’ शुरू की गई है. भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के क्रियान्वयन के लिए जनपद को कुल 50 लघु तालाबों (आकार: 22x20x3 मीटर) का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को वर्षा जल को संरक्षित करने और उसका उपयोग सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) के माध्यम से करने के लिए प्रोत्साहित करना है.

लक्ष्य और अनुदान का विवरण

कुल 50 लघु तालाबों के लक्ष्य को 2 मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है.

सामान्य श्रेणी : 30 लघु तालाब (कुल भौतिक लक्ष्य का 60 प्रतिशत).
सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित : 20 लघु तालाब (कुल भौतिक लक्ष्य का 40 प्रतिशत).

इस योजना के तहत, किसानों को तालाब निर्माण पर आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जो अधिकतम ₹52,500 होगा. यह अनुदान राशि लाभार्थी कृषक के खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से 2 किस्तों में भुगतान की जाएगी.

पात्रता के नियम

योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता श्रेणी को स्पष्ट किया गया है.

1-सामान्य श्रेणी (30 तालाब): इस श्रेणी के लिए वह किसान पात्र होंगे, जिन्होंने पहले सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित नहीं की है, लेकिन अब खेत तालाब के निर्माण के साथ-साथ सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित करने के इच्छुक हैं. इन किसानों को तालाब का अनुदान तभी मिलेगा जब वे सत्यापन के समय उद्यान विभाग का त्रिपक्षीय अनुबंध उपलब्ध कराएंगे.

2-सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित श्रेणी (20 तालाब): इस श्रेणी में वे किसान पात्र होंगे जिन्होंने आवेदन तिथि से पिछले 7 वर्षों के भीतर उद्यान या कृषि विभाग के माध्यम से अपने खेत पर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (जैसे ड्रिप या स्प्रिंकलर) स्थापित की हो और वह वर्तमान में चालू स्थिति में हो.

पंपसेट पर भी अनुदान

जो लाभार्थी पंजीकरण तिथि तक उद्यान विभाग के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित कर चुके हैं और खेत तालाब योजना के तहत तालाब का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, वे पंपसेट अनुदान के लिए भी पात्र होंगे. पंपसेट पर 50 प्रतिशत अधिकतम (₹15,000) का अनुदान निर्धारित है.

इच्छुक लाभार्थी विभागीय पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर ‘प्रथम आवक प्रथम पावक’ (First Come, First Serve) के सिद्धांत पर अपनी बुकिंग करके इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. यह योजना किसानों के लिए जल संरक्षण और आय वृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है.

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति