आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में तेजी से उभर रही है. सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रभात अग्रवाल ने दावा किया है कि हर साल शुगर के मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही है. बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक मेहनत की कमी इसके प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं.
हर साल तेजी से बढ़ रहे डायबिटीज के मरीज
सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर प्रभात अग्रवाल ने बताया कि बीते 20 वर्षों की तुलना में वर्तमान समय में डायबिटीज के मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है. उन्होंने कहा कि पहले इतनी बड़ी संख्या में मरीज नहीं देखे जाते थे. अब हालात ऐसे हैं कि डायबिटीज एक सुनामी की तरह फैल रही है, जो भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है.
कम उम्र के लोगों में भी दिखने लगी डायबिटीज
डॉ. प्रभात अग्रवाल के अनुसार, पहले डायबिटीज की समस्या अधिकतर 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में पाई जाती थी. लेकिन अब यह बीमारी कम उम्र के युवाओं और यहां तक कि किशोरों में भी देखी जा रही है. यह बदलाव स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि लाइफस्टाइल में आए बदलाव ने स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला है.
गलत दिनचर्या बन रही बीमारी की सबसे बड़ी वजह
डायबिटीज बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण गलत दिनचर्या है. डॉक्टर के मुताबिक देर रात तक जागना, देर से सोना, हर समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना, बाहर घूमने-फिरने से बचना और किसी भी तरह की शारीरिक मेहनत न करना शुगर को दावत देता है. लगातार बैठकर काम करना और फिजिकली एक्टिव न रहना शरीर को कमजोर बना रहा है.
अनहेल्दी फूड और तनाव भी बढ़ा रहे खतरा
डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि अनहेल्दी और पैकेट फूड का अधिक सेवन भी डायबिटीज का बड़ा कारण है. लोग घर का बना ताजा और पौष्टिक भोजन कम खा रहे हैं और बाहर का जंक फूड ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इसके साथ ही बढ़ता मानसिक तनाव भी शुगर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है.
डिजिटल युग में घटती शारीरिक गतिविधि
डॉक्टर ने कहा कि डिजिटल युग ने लोगों की शारीरिक गतिविधि को काफी कम कर दिया है. अब लोग घर बैठे ही सब्जी, खाना और अन्य जरूरत का सामान ऑर्डर कर लेते हैं. पहले लोग बाजार या मंडी तक पैदल जाते थे, जिससे कुछ कैलोरी बर्न हो जाती थी. लेकिन अब यह आदत खत्म होती जा रही है, जिसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है.
मोटापा और प्रदूषण भी दे रहे बीमारियों को न्योता
डायबिटीज के साथ-साथ मोटापा भी तेजी से बढ़ रहा है, जो कई गंभीर बीमारियों की जड़ है. डॉक्टर के अनुसार बढ़ता प्रदूषण भी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रहा है. पैकेट फूड, तला-भुना और मीठा अधिक खाने से शरीर में चर्बी बढ़ रही है, जो डायबिटीज के खतरे को और बढ़ा देती है.
व्यायाम और एक्सरसाइज से मिल सकता है बचाव
डॉ. प्रभात अग्रवाल ने लोगों को सलाह दी कि हर व्यक्ति को अपने शरीर के लिए समय निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि रोजाना कम से कम एक घंटा व्यायाम, एक्सरसाइज, जॉगिंग या रनिंग करनी चाहिए. यदि व्यक्ति नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करता है, तो डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है और कई अन्य बीमारियों से भी बचाव संभव है.
लाइफस्टाइल नहीं बदली तो बढ़ेगा खतरा
डॉक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोगों ने समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार नहीं किया, तो आने वाले समय में हर तीसरा व्यक्ति डायबिटीज का मरीज हो सकता है. स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और संतुलित दिनचर्या अपनाकर ही इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है.










