अलीगढ़: साधारण किसान परिवार से निकलकर असाधारण कामयाबी हासिल करना हर किसी के बस की बात नहीं होती. उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अकमल अहमद ने तालीम और मेहनत के दम पर यह साबित कर दिखाया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एमटेक कर रहे अकमल को एक साथ तीन प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज़ से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए ऑफर मिलना इसी जज़्बे की मिसाल है.
यहां से की प्रारंभिक पढ़ाई
अकमल अहमद सिद्धार्थ नगर जिले के रहने वाले हैं, जो उत्तर प्रदेश में डुमरियागंज क्षेत्र और गोरखपुर के पास स्थित है. अकमल बताते हैँ कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 12वीं तक अपने टाउन से पूरी की. पढ़ाई के प्रति लगन और मेहनत के बल पर उन्होंने वर्ष 2020 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाख़िला लिया. इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने एमटेक में प्रवेश लिया और वर्तमान में वह एमटेक फाइनल ईयर के अंतिम सेमेस्टर में हैं.
तीन संस्थानो में मिली नौकरी
अपनी शिक्षा और स्किल्स के दम पर अकमल अहमद को एक नहीं बल्कि तीन प्रतिष्ठित संस्थानों से नौकरी के ऑफर मिले हैं. इनमें बेंगलुरु स्थित दयानंद सागर यूनिवर्सिटी, गुजरात की पारुल यूनिवर्सिटी और महाराष्ट्र का जेएमएस कॉलेज शामिल हैं. ये सभी ऑफर उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस के माध्यम से प्राप्त हुए हैं. तीनों संस्थानों ने उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए चुना है. अकमल बताते हैँ कि उनको जो पैकेज ऑफर किया गया है, वह लगभग 10 लाख रुपये प्रति वर्ष है, जिसमें अतिरिक्त अलाउंस भी शामिल हैं. खास बात यह है कि यह सफलता उन्हें पहले ही प्रयास में हासिल हुई है. अकमल अहमद एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता खेती का कार्य करते हैं और उन्होंने हमेशा अपने बेटे की पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया.
इन्हें देते हैं कामयाबी का श्रेय
अकमल बताते हैं कि उनके पिता ने कभी भी फीस या अन्य शैक्षणिक जरूरतों में कोई कमी नहीं आने दी. जब अकमल ने कक्षा 10वीं में 9.4 सीजीपीए हासिल किया, तो उनके पिता का विश्वास और भी मजबूत हुआ और उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा को भविष्य का सबसे बड़ा निवेश माना. परिवार में पांच भाई हैं, जिनमें से कुछ पढ़ाई कर रहे हैं और एक भाई नौकरी कर रहा है. अकमल की इस उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है और गर्व महसूस कर रहा है. अपनी इस कामयाबी का श्रेय अकमल अहमद सबसे पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस को देते हैं. इसके साथ ही वह वर्तमान ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अमित सर का विशेष रूप से धन्यवाद करते हैं, जिनके प्रयासों से छात्रों को लगातार बेहतर अवसर मिल रहे हैं.
भविष्य में यह है योजना
भविष्य को लेकर अकमल का कहना है कि लक्ष्य शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ना है. वह असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य करते हुए रिसर्च एंड डेवलपमेंट में योगदान देना चाहते हैं. अन्य छात्रों को संदेश देते हुए अकमल कहते हैं कि केवल यह कहना कि जॉब मार्केट में नौकरियां नहीं हैं, सही नहीं है. असली जरूरत अपने स्किल्स पर काम करने की है. छात्रों को चाहिए कि वे अपने रिज्यूमे को मजबूत बनाएं और लगातार अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारें. उनका मानना है कि आज जॉब्स की कमी नहीं है, बल्कि स्किल्ड युवाओं की कमी है. साथ ही उन्होंने एएमयू के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस की सराहना करते हुए कहा कि यहां छात्रों को बेहतरीन अवसर प्रदान किए जाते हैं और बड़ी संख्या में छात्र चयनित भी हो रहे हैं.










