कहीं 1 रैंक पर 2 दावेदार तो कहीं फर्जी मन गया जश्न, UPSC रिजल्ट के चौंकाने वाले 4 विवाद

नई दिल्ली (UPSC Result 2026 Controversy). यूपीएससी रिजल्ट का दिन हजारों उम्मीदवारों के लिए खुशियों की सौगात लाता है. लेकिन कभी-कभी यही दिन कुछ अजीबोगरीब विवादों और गलतफहमियों का गवाह भी बन जाता है. इस साल भी कुछ ऐसा ही हुआ. जहां एक तरफ मेधावी उम्मीदवारों ने अपनी मेहनत से सफलता के झंडे गाड़े, वहीं दूसरी तरफ कुछ हैरान करने वाले मामले सामने आए. कहीं एक ही रैंक पर दो दावेदार थे तो कहीं नाम की समानता ने एक पूरे गांव को जश्न मनाने पर मजबूर कर दिया.

इन मामलों ने न केवल सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी, बल्कि यूपीएससी की चयन प्रक्रिया और उम्मीदवारों की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए. शेखपुरा के रंजीत कुमार से लेकर भोजपुर की आकांक्षा सिंह तक, हर मामला अपने आप में एक अलग कहानी कहता है. इनसे साबित होता है कि यूपीएससी रिजल्ट के उत्साह में रोल नंबर की छोटी सी चूक या नाम की स्पेलिंग कैसे बड़ा उलटफेर कर सकती है. विस्तार से जानिए यूपीएससी रिजल्ट से जुड़े इस साल के इन दिलचस्प और विवादित मामलों के बारे में.

UPSC Result 2026: सफलता, संशय और फर्जी दावों का सच

सोशल मीडिया के दौर में कुछ भी वायरल होने में वक्त नहीं लगता है. यूपीएससी रिजल्ट जारी होने के बाद सफल कैंडिडेट्स को बधाई देने की होड़ मच जाती है. इसी चक्कर में कई बार गलत रिजल्ट वाले कैंडिडेट्स सही रिजल्ट वालों से ज्यादा वायरल हो जाते हैं. इस साल आकांक्षा सिंह वाले मामले में यही हुआ था.

आकांक्षा सिंह vs आकांक्षा सिंह: एक रैंक, दो दावेदार

यूपीएससी के इतिहास में ऐसा कम ही होता है, लेकिन इस बार 301वीं रैंक के लिए दो आकांक्षा सिंह मैदान में आ गईं. बिहार और उत्तर प्रदेश की इन दोनों उम्मीदवारों ने खुद को सफल घोषित कर दिया. मामला तब सुलझा जब यूपीएससी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि गाजीपुर (यूपी) की आकांक्षा सिंह ही सफल उम्मीदवार हैं. बिहार की आकांक्षा सिंह (Akanksha Singh UPSC) का दावा रोल नंबर की गलतफहमी या जानबूझकर की गई गलती के कारण गलत साबित हुआ.

शेखपुरा का रंजीत: नाम एक, पहचान अनेक

बिहार के शेखपुरा जिले में उस समय खुशी का माहौल बन गया, जब रंजीत कुमार (Ranjeet Kumar UPSC) नाम के युवक ने दावा किया कि उसने यूपीएससी में 440वीं रैंक हासिल की है. पूरे गांव ने उसे पलकों पर बिठाया, फूल-मालाओं से लाद दिया और वह लोकल मीडिया का सितारा बन गया. लेकिन खुशी तब दुख में बदल गई जब पता चला कि असली टॉपर कर्नाटक का ‘रंजीथ’ (Ranjith) है. शेखपुरा के रंजीत ने केवल नाम के आधार पर सबको झांसा दिया था. जैसे ही सच्चाई सामने आई, रंजीत गांव छोड़कर फरार हो गया.

शामली की आस्था जैन: सफलता के साथ छिड़ी बहस

यूपी के शामली की रहने वाली आस्था जैन ने AIR 9 हासिल कर पूरे देश में सुर्खियां बटोरीं. मिडिल क्लास परिवार की बेटी की इस बड़ी कामयाबी पर जहां लोग जश्न मना रहे थे, वहीं सोशल मीडिया पर कैटेगरी को लेकर बहस छिड़ गई. कुछ लोगों का कहना था कि पहले जनरल से परीक्षा देने वाली आस्था (Astha Jain UPSC) ने इस बार EWS कोटे का लाभ लिया. हालांकि, कानूनी रूप से अगर कोई आय के मापदंड पूरा करता है तो वह श्रेणी बदल सकता है. आस्था जैन की सफलता उनकी मेहनत का नतीजा है.

शिखा गौतम ने मानी अपनी भूल

यूपीएससी 2025 रिजल्ट में बुलंदशहर की शिखा गौतम का मामला भी चर्चा में है. मेरिट लिस्ट में 113वीं रैंक पर शिखा गौतम के नाम की खबर पूरे बुलंदशहर में फैल गई. उनके घर के बाहर ढोल-नगाड़े बजने लगे और मिठाइयां बंटने लगीं. स्थानीय नेताओं ने मालाएं पहनाईं और शिखा को ‘बुलंदशहर की बेटी’ बताया गया. बाद में पता चला कि चयनित उम्मीदवार का नाम तो शिखा गौतम ही था लेकिन रोल नंबर इस शिखा से अलग था. शिखा के परिवार ने स्पष्ट किया कि नाम की समानता के कारण मानवीय भूल हुई.

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dainikupeditor@gmail.com

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