Last Updated:January 02, 2026, 09:51 IST
कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट: नशीले कफ सिरप सिंडिकेट मामले में अब SIT की तरफ से सीबीआई को पत्र लिखकर मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके करीबी आकाश पाठक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू कर दी है. SIT की जांच में पता चला है कि शुभम जायसवाल और आकाश पाठक विदेश भाग गए हैं.
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कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े सिंडिकेट के खुलासे के बाद से ही पुलिस और जांच एजेंसियां तेज कार्रवाई कर रही हैं. इस मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके करीबी साथी आकाश पाठक के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. वाराणसी एसआईटी ने इस संबंध में सीबीआई को औपचारिक पत्र भेज दिया है, क्योंकि सीबीआई ही इंटरपोल के साथ समन्वय करने वाली नोडल एजेंसी है.
पुलिस जांच में पता चला है कि शुभम जायसवाल और आकाश पाठक देश छोड़कर विदेश भाग चुके हैं. इनके अलावा सिंडिकेट से जुड़े एक अन्य आरोपी विकास सिंह नर्वे भी दुबई की ओर फरार हो चुके हैं. इन आरोपियों के खिलाफ पहले से ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है, ताकि वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे या सीमा से बाहर न निकल सकें.
पूरे सिंडिकेट में 28 आरोपी
एसआईटी के अनुसार, पूरे सिंडिकेट में कुल 28 मुख्य आरोपी शामिल हैं, जिनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराया गया है. यह तस्करी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों से शुरू होकर झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार तक फैला हुआ था और अंत में बांग्लादेश तक पहुंच रहा था. फर्जी फर्मों, जाली दस्तावेजों और फर्जी ई-वे बिल के जरिए एबॉट कंपनी की ‘फेंसेडिल’ और अन्य कोडीन युक्त कफ सिरप को वैध व्यापार दिखाकर बड़ी मात्रा में खरीदा-बेचा जाता था, जिसे बाद इसे नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
शुभम ही मास्टरमाइंड
एसआईटी ने बताया कि शुभम जायसवाल इस रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है. उसने झारखंड में कई फर्जी फर्में बनवाईं और गोदामों के जरिए लाखों बोतलें सप्लाई कीं. जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपये की कमाई को हवाला और अन्य तरीकों से सफेद किया गया. ईडी भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है और शुभम की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
शुभम को वापस लाने के लिए रेड कार्नर नोटिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद इंटरपोल के माध्यम से शुभम जायसवाल और अन्य फरार आरोपियों को ट्रेस करना और भारत वापस लाना आसान हो जाएगा. यह मामला उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें अब तक दर्जनों गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. जांच अभी जारी है और जल्द ही सिंडिकेट के और सदस्यों के नाम सामने आने की संभावना है.
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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
Location :
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
January 02, 2026, 09:51 IST










