टमाटर की खेती ने बदली किसान बदलू की जिंदगी, अब कमा रहे अच्छा मुनाफा
Last Updated:March 11, 2026, 22:29 IST
बहराइच जिले के छोटे से गांव चमरगढ़ईया के किसान बदलू ने टमाटर की खेती से अपनी जिंदगी बदल ली. पहले खेती को लेकर परेशान रहने वाले बदलू ने परिवार की सलाह पर टमाटर उगाना शुरू किया. आज इसी खेती की बदौलत उन्होंने बच्चों की शादी कराई, घर बनवाया और उनकी जिंदगी अब आराम से गुजर रही है.
बहराइच. जिले के छोटे से गांव चमर गढ़ईया में रहने वाले किसान बदलू, खेती किसानी को लेकर काफी परेशान चल रहे थे. तब घर परिवार और लोगों की सलाह से इन्होंने टमाटर की खेती शुरू कर दी. फिर टमाटर की खेती से ही इन्होंने बच्चों की शादी की और घर बनवाया. अब जिंदगी आराम से कट रही है बहराइच शहर के किनारे बसा हुआ छोटा सा गांव चमर गढ़ईया जहां मिली जुली आबादी निवास करती है, यहां के लोग खेती पर ही निर्भर हैं. धान, गेहूं, मक्का, समेत तमाम लोग सब्जियों की खेती करते हैं. इन्हीं में से एक किसान बदलू है जो टमाटर की खेती पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं. इनका कहना है टमाटर की खेती एक फायदे वाला सौदा है और मंडी में इसकी पकड़ भी होती है. साल के साल डिमांड भी होती है, इसलिए मैं टमाटर की खेती पूरे साल के साल करता हूं टमाटर की खेती ही मेरी मुख्य खेती है.
टमाटर की खेती में खास ध्यान, बुवाई से लगाकर चौड़ाई तक
टमाटर की खेती में सबसे पहले मिट्टी की तैयारी का ध्यान देना अति आवश्यक होता है, जिसके लिए खेत की गहरी जुताई जरूर करें ताकि पुराने कीड़ों के अंडे नष्ट हो जाएं. मिट्टी में पर्याप्त सड़ी हुई गोबर की खाद क्षेत्र और मौसम के अनुसार रोग-प्रतिरोधी और प्रमाणित बीज या पौध का चयन और बुवाई के वक्त मेढ़ से मेढ़ की दूरी लगभग 75 सेंटीमीटर 2.5 फीट रखें. ताकि पौधों को फैलने की जगह मिले और रोग कम लगें. इसके अलावा जल प्रबंधन और मल्चिंग का उपयोग करें ताकि नमी बनी रहे और खरपतवार कम हो. ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत होती है और जड़ें सड़ने से बचती हैं, इसलिए कोशिश करें कि ड्रिप से ही सिंचाई करें.
अच्छे फलन और पौधों की बचत के लिए करें या काम
अच्छे टमाटर की खेती करने वाले किसानों के सामने झुके हुए पौधे की समस्या आती है, क्योंकि जब मिट्टी से लगे हुए फल निकलते हैं तो वह ज्यादातर सड़ जाते हैं उनमें वृद्धि नहीं होती है. इसके लिए किसानों को स्टीक का सहारा देना होता है. इसमें पौधों को बांस या डंडियों से सहारा देकर खड़ा करें, इससे फल मिट्टी के संपर्क में नहीं आते और सड़ने से बच जाते है. अंत में चौड़ाई करते समय रखें, इन बातों का ध्यान, टमाटर जब पूर्णत:, पक जाएं, तभी तोड़ें और उन्हें ठंडी व हवादार जगह पर रखें.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
Location :
Bahraich,Uttar Pradesh
First Published :
March 11, 2026, 22:29 IST









